मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा एक मंच पर होने के बाद भी जनता के सामने दूरी बनाए बैठे रहे और दोनों में से किसी ने भी अपने मन की बात नहीं कही। यहीं नहीं दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा भी नहीं। हालांकि सीएम के आने पर सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा ने बुके भेंटकर उनका स्वागत जरूर किया, लेकिन सार्वजनिक मंच पर दोनों में दूरियां बनी रही।
एनएफएल में बेंटोनाइट सल्फर प्लांट की आधारशीला रखने के अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि रहे और सांसद अश्विनी कुमार चोपड़ा भी लंबे समय बाद सीएम के साथ एक मंच पर पहुंचे। खट्टर व चोपड़ा में मंच पर दूरी बनी रही। यह दूरी कुर्सियों के साथ मन की भी रही। दोनों नेताओं ने एक दूसरे से नजरें तक नहीं मिलाई। मंच पर करीब 45 मिनट तक कार्यक्रम चलता रहा। इस दौरान दोनों में से किसी भी नेता ने मन की बात तो करना दूर विकास कार्यों पर भी चर्चा नहीं की। समारोह के बाद दोनों अपनी-अपनी गाडिय़ों में बैठकर गंतव्य को रवाना हो गए। सांसद चोपड़ा के प्रतिनिधि वीरेंद्र गौतम ने बताया कि मुख्यमंत्री व सांसद के बीच किसी तरह का मनमुटाव नहीं है। मंच पर कार्यक्रम की व्यस्तता के चलते बातचीत नहीं हो सकी।