जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजन बुधवार को लघु सचिवालय में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें कुल 16 शिकायतें आई, जिसमें से 9 का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि 7 शिकायतों को आगामी बैठक के लिए लंबित रखा गया। लंबित शिकायतों में ऐसी तीन शिकायतें भी शामिल रही, जिन्हें पिछली बैठक से लंबित रखा गया था, जिनका इस बार भी समाधान नहीं हो सका।
शिकायत नंबर एक- लंबित
एसआईटी से बात नहीं बनी तो होगा पोलीग्राफी टेस्ट
शिकायतकर्ता सुनीता डिप्टी सीएम के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए रोने लगी, उसने कहा कि वह विधवा है। पड़ोस के ही एक युवक ने उसकी बेटी को अगवा किया। उसके बाद से उसकी बेटी लापता है। इसके बाद से आरोपी पक्ष से उसे लगातार जान से मारने की धमकी तक दे रहा है। वह पिछले 11 माह से वह इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है, लेकिन इंसाफ नहीं मिल पाया। इस पर पुलिस ने कहा कि उन्होंने आरोपी पक्ष से पूछताछ कर ली है, लेकिन कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया। इसके लिए एसआईटी तक गठित की गई थी, उसमें भी कोई सुराग नहीं मिला। अब पुलिस इस मामले में पोलीग्राफ टेस्ट करवाने का प्रयास करेगी। यह शिकायत पिछली कई बैठकों से लंबित आ रही है, इस बार भी इसका समाधान नहीं हो पाया।
शिकायत नंबर दो, लंबित
संपत्ति अटैच करें, वकील का नाम केस में जोड़े
मतलौडा निवासी राजकुमार ने बताया कि उसकी फर्म से कुछ लोगों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जीरी की फसल खरीद फरोख्त की, और उसके पैसे देने से मुकर गए। पीड़ित ने आरोप लगया कि आरोपी ठग हैं, जो ठगी का काम ही करते हैं। उन्होंने अपनी फर्जी फर्म बनाकर ऐसे कई घटनाओं को अंजाम दिया है। इस पर डिप्टी सीएम ने बीचबचाव करने आए वकील का नाम भी केस में शामिल करने के लिए एसपी को आदेश दिए। वहीं, आरोपी पक्ष के संपत्ति को अटैच करवाने के निर्देश भी दिए। डिप्टी सीएम ने कहा कि अगर पीओ घोषित होने तक उनका समझौता नहीं हुआ तो वकील के नाम भी समन जारी किए जाएं। उन्होंने बीच में बोलते ही वकील को चुप करते हुए कहा कि अपनी दलीलें कोर्ट में देना। इसे आगामी बैठक के लिए लंबित रखा गया।
शिकायत नंबर तीन
पुलिस नहीं अब डीआईईटीसी करेगी जांच
सेक्टर 12 निवासी रविंद्र ने बताया कि कुछ लोगों ने मिलीभगत कर उसका करोड़ों रुपये का माल तक चोरी कर लिया। उसके साथ धोखाधड़ी भी की गई, इस बारे में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस की दलील सुनने के बाद डिप्टी सीएम ने डीआईईटीसी को संबंधित फर्मो के ई-वे बिल की जांच के साथ अन्य जांचों का पूूरा कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए, जिससे स्पष्ट हो सके कि असल में माजरा क्या रहा है।
शिकायत नंबर चार
पुलिसकर्मी को साढ़े 7 लाख दिए उधार, बोला 28 को दूंगा
गांव सौंदापुर निवासी महाबीर का आरोप था कि उसके जानकार एक पुलिसकर्मी ने उससे करीब साढ़े 7 लाख रुपये उधार लिए और अब देने से मुकर रहा है। जिस पर पुलिस कर्मी ने आपसी तौर पर समझौता कर उसके पैसे 28 जनवरी को ही लौटाने की बात कहने पर शिकायत को बंद कर दिया गया।
शिकायत नंबर 6, पुलिस करेगी शपथ पत्र की जांच, 3 साल से चार्जशीट पर कार्रवाई के दिए आदेश
वजीरपुर टिटाना निवासी अशोक की लंबित शिकायत पर डिप्टी सीएम ने बिजली निगम के अधिकारियों को लताड़ा। उन्होंने उनकी तीन साल पुरानी शिकायत पर चार्जशीट हुए कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। वहीं फर्जी एनओसी देने वाले शपथ पत्र की जांच भी पुलिस द्वारा करवाने के निर्देश दिए। अशोक की शिकायत थी कि निगम अधिकारी फर्जी तरीके से एनओसी जारी कर देते हें, वहीं पात्र लोगों को कनेक्शन तक नहीं दे रहे।
शिकायत नंबर 10
प्रदूषण फैलाया है तो लगातार मॉनिटरिंग करें व दंड देकर उनसे पेड लगवाएं
गांव चंदौली निवासी राकेश ने बताया कि कई फैक्ट्रियां जहरीला व तेजाब का पानी छोड़ रही हैं, इससे पेयजल संकट बना हुआ है, साथ में फसलें भी नष्ट हो रही हैं। इस पर प्रदूषण विभाग को डिप्टी सीएम ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि ऐसे फैक्ट्रियों पर लगातार नजर रखें, इन पर जुर्माना लगाने के बाद इनसे पेड भी लगवाएं।
शिकायत नंबर 11
बीपीएल का कार्ड, राशन ओपीएच का, सर्वे करवाया जाएगा
राज नगर निवासी गीता ने बताया कि उनका कार्ड बीपीएल का है जबकि राशन ओपीएच का दिया जाता है, जिस पर विभाग अधिकारी ने बताया कि वे बीपीएल कार्ड के लाभार्थी नहीं है। जिस पर डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को दोबारा सर्वे कर उनकी योग्यता बताने के निर्देश देते हुए कहा कि अगर वे बीपीएल के योग्य हों तो उनका कार्ड बनवाकर उन्हें राशन दिलवाया जाए।
शिकायत नंबर 13
मजदूर ने एटीएम से निकलवाए 2 हजार कटे 10 हजार, एलडीएम को बोले समाधान होने तक हर बार यहीं आना पड़ेगा
हरिसिंह कॉलोनी निवासी देवी सिंह की शिकायत में बताया गया था कि उसने बैंक खाते से 2 हजार रुपये निकलवाए और उसके खाते से 10 हजार रुपये कट गए। इसके लिए वह करीब 2 साल से चक्कर काट रहा है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा। इस पर एलडीएम ने बताया कि ये बैंक अधीकृत मामला नहीं है। इसके लिए ओंबड्समैन में शिकायत करनी होगी, जो आरबीआई के अधीकृत है। इस पर डिप्टी सीएम ने खुद शिकायतकर्ता की मदद करने की हिदायत देते हुए निर्देश दिए कि जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक उन्हें हर बार बैठक में आना पड़ेगा।
शिकायत नंबर 5, 7, 8, 9, 12 व 14 का मौके से पहले ही समाधान किया जा चुका था, इसलिए इन शिकायतों को ड्रॉप कर दिया गया। वहीं शिकायत नंबर 15 को सक्षम न्यायालय भेजने की हिदायत दी गई। इसके अलावा शिकायत नंबर 16 को सुनते ही इसकी जांच सिंचाई विभाग के एक्सईएन को करने के लिए कहा गया, जिसमें उपलों के द्वारा नहरी विभाग की जमीन पर कब्जा किया गया था, यहां पर मौके के पेड़ों को भी काट दिया गया था।
दो अपंगों को दिलवाई नौकरी, अन्य शिकायतों को भी सुना
कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद डिप्टी सीएम ने अन्य शिकायतों को भी सुना। जिसके एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके घर के उपर से बिजली निगम के अधिकारियों ने जबरन हाईटेंशन तारें लगवा दी, इसका समाधान करवाने के लिए निगम एसई को आदेश दिए गए। इसके अलावा मौके पर पहुंचे दो अपंग लोगों को भी शहरी विधायक प्रमोद विज की फैक्ट्री में लगवाने का आश्वासन दिया। इस पर विधायक ने भी हामी भरी।