टोल टैक्स पर एक निजी कार कंपनी के ट्रांसफार्मर को ठीक कर रहे लाइनमैन की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। बता दें कि 26 जनवरी को कार कंपनी के मैनेजर ने कंट्रोल रूम में लाइट खराब होने की शिकायत की थी। जिस शिकायत पर दो लाइनमैन मौके पर पहुंचे थे, जिनमें एक नीचे था और दूसरा ट्रांसफार्मर पर चढ़कर लाइट को ठीक कर रहा था, उसी समय लाइनमैन को करंट लगा और वह गंभीर रूप से झुलस गया। साथी लाइनमैन ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पीड़ित की उपचार के दौरान सोमवार शाम मौत हो गई। परिजनों ने शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां पुलिस ने पंचनामा भरवाकर शव का पोस्टमार्टम कराया और शव को परिजनों का सौंप दिया।
सैनी कॉलोनी निवासी रहीसुन पत्नी गुड्डू (35) ने बताया कि उसके पति पिछले 15 साल से बिजली निगम में ठेकेदार के द्वारा लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को उनके पति अपने साथी देवेंद्र के साथ टोल टैक्स पर बनी एक कार कंपनी के ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए गए थे। उसके पति ऊपर थे और उसका साथी देवेंद्र नीचे था। वह काम कर रही थे कि अचानक उसे बिजली का करंट लगा, जिसके कारण उसके पति गंभीर रूप से झुलस गए और वह ऊपर से ही वह नीचे आ गिरे। उनके हाथ पूरा झुलस चुका था, साथी ने पीड़ित पति को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उस एक दिन उपचाराधीन रहने के बाद मौत हो गई। पत्नी ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि जब उसके पति ट्रांसफार्मर को ठीक कर रहे थे, उसी समय बिजली की सप्लाई को शुरू किया, जिसके कारण उनके पति को करंट लगा है। वहीं, पुलिस ने शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया और परिजनों से पंचनामा भरवाकर पुलिस न शव का पोस्टमार्टम कराया और शव को परिजनों को सौंप दिया।
सेफ्टी ड्रेस भी नहीं बचा पाई लाइनमैन की जान
परिजनों ने बताया कि लाइनमैन सेफ्टी ड्रेस पहनकर ऊपर चढ़ा था। उसके हाथ में ग्लब्स थे, सिर पर टोपी थी। वहीं, शरीर पर एक जैकेट डाली हुई थी। लाइनमैन हाथ में तार को पकड़कर उसे ठीक कर रहा था, उसी समय उसे करंट लगा और वह नीचे आकर गिरा। उन्होंने सेफ्टी ड्रेस को घटिया सामग्री से बना बताया है।
सरकार से मुआवजे की मांग
परिजनों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। उनकी कहना है कि उसके छह बच्चे हैं, जिनमें पांच बेटी और एक बेटा है। वह परिवार के एकलौता रोजगार का स्रोत था, जो अपने परिवार को चला रहा था। उन्होंने कहा सरकार उन्हें या तो एक नौकरी दे, या फिर लाखों रुपये का मुआवजा दे।