माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सिवाह गांव में भाकियू के पूर्व उप प्रधान सुमित को गोली मारने के मामले का पानीपत पुलिस ने खुलासा किया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन दिन के रिमांड पर लिया था। पुलिस का दावा था कि मुख्य आरोपी जितेंद्र से घायल की दोस्ती थी। लेकिन घायल के पिता गुरदेव ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जितेंद्र से उनके बेटे की कभी कोई दोस्ती नहीं रही है। 10 दिन पहले पहली बार गांव के एक युवक के माध्यम से उनकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने सीआईए-1 टीम पर आरोप लगाते हुए आईजी करनाल से मुलाकात की और जांच करनाल पुलिस से कराने की मांग की। जिसके बाद आईजी के आदेश के बाद जांच को करनाल पुलिस को सौंप दिया गया है।
थाना सेक्टर-29 क्षेत्र के सिवाह में 13 अक्तूबर की रात को घर से बाहर बुलाकर सुमित को कार सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। जिनका अभी भी शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। शुक्रवार को सीआईए-1 की टीम ने तीन आरोपियों को जितेंद्र निवासी मॉडल टाउन, सिवाह निवासी सचिन उर्फ रिकी, व जाटल गांव निवासी दीपक को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया था कि जितेंद्र और घायल सुमित की दोस्ती थी और वह एक साथ बैठकर शराब पीते थे। कई बार उनकी टोका-टोकी हुई थी। जिस कारण सुमित पर हमला किया था। पुलिस ने दावा किया था कि सुमित को सोमबीर नाम आरोपी ने गोली मारी थी।
पुलिस के इस खुलासे पर घायल सुमित के पिता अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रधान गुरदेव ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सीआईए-1 टीम ने डीएसपी और उच्चाधिकारियों को भी गुमराह किया है। गुरदेव ने बताया कि उन्होंने शनिवार को एडीजीपी करनाल से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच बदलवाने की मांग की। जिसके बाद इस मामले की जांच करनाल पुलिस को सौंप दी गई है। करनाल पुलिस शनिवार को रिमांड पर चल रहे आरोपियों को करनाल पुलिस ले गई है।
घायल के परिजन खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने जांच दूसरी जगह से कराने की मांग की है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर मुकदमे की फाइल करनाल भेज दी गई है।
-संदीप, प्रभारी सीआईए-1।