पानीपत। चैत्र नवरात्र की अष्टमी पर कंजक पूजन कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्राचीन देवी मंदिर समेत जिले के देवी मंदिरों में पूरा दिन लोगों का दर्शनों के लिए तांता लगा रहा। तड़के से देर शाम तक हजारों लोगों ने प्राचीन देवी मंदिर में माता के दर्शन किए। इस दौरान पुलिस के साथ प्राइवेट सुरक्षाकर्मी भी तैनात रहे।
शनिवार अष्टमी के पूजन के लिए लोग तड़के करीब तीन बजे ही उठ गए। लोगों ने कंजक के हलवा, खीर और पूरी का प्रसाद बनाया। लोगों ने दिन निकलने तक पकवान बनाकर तैयार कर दिए। घरों में कंजक पूजन कर भोग लगाया। प्राचीन देवी मंदिर में शनिवार को तड़के माता का फूलों से श्रृंगार कर कपाट दर्शनों के लिए खोले। लोग तड़के ही मंदिर में पहुंच गए। इसके बाद दर्शनों के लिए दिनभर लाइन लगी रही। दोपहर 12 बजे भीड़ कुछ कम हुई। शाम को फिर से भीड़ शुरू हो गई। देर शाम को शयन आरती तक लोगों का मंदिर में दर्शनों के लिए आना लगा रहा।
प्राचीन श्री देवी मंदिर के प्रमुख पुजारी आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि नवरात्र में देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां महागौरी की उपासना से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भक्त को सुख, शांति व समृद्धि प्राप्त होती है। इनकी पूजा अष्टमी के दिन की जाती है। उन्होंने बताया कि मां महागौरी अत्यंत सुंदर, उज्ज्वल और शांत स्वरूप वाली देवी हैं। इनका रंग दूध के समान उज्ज्वल है। इसीलिए इन्हें महागौरी कहा जाता है। ये सौम्यता, करुणा और शुद्धता की प्रतीक मानी जाती हैं। मंदिर में माता के दर्शनों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।