संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। श्री बांके बिहारी ज्ञानेश्वर मंदिर में इस बार कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भव्य फूल बंगला महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। महोत्सव को दिव्य और अलौकिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से सजाकर श्रद्धालुओं को वृंदावन धाम जैसा वातावरण देने की तैयारी है। वहीं करीब 40 किलोग्राम वजनी भव्य स्वर्ण झूले में भगवान श्री बांके बिहारी जी विराजमान होंगे।
फूल बंगले की सजावट का काम एक सितंबर से शुरू होगा। इसके लिए वृंदावन में श्री बिहारी जी का फूल बंगला सजाने वाले 40 अनुभवी कारीगरों की विशेष टीम पानीपत पहुंचेगी। कारीगर मंदिर परिसर को विभिन्न प्रकार के रंग-बिरंगे और सुगंधित फूलों से सजाएंगे। स्वर्ण झूले में विराजमान भगवान श्री बांके बिहारी जी का मनोहारी स्वरूप महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहेगा।
20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था
मंदिर ट्रस्ट की बैठक में जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की गई। ट्रस्ट के कार्यकारिणी सदस्य चमनलाल गुप्ता ने बताया कि जन्माष्टमी पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और शीतल पेयजल की व्यवस्था की जा रही है।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग दर्शन लाइन
मंदिर प्रशासन ने दर्शन मार्ग पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार पानीपत के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर समिति ने धर्मप्रेमी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर जन्माष्टमी महोत्सव और भव्य फूल बंगले के दर्शन करने की अपील की है।