मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान मेला लगाकर लोगों को स्वरोजगार देने के नाम पर लोगों के साथ मजाक हो गया। जिन जरूरतमंदों को शहर के नेताओं और अधिकारियों ने सचिवालय बुलाकर लोन के चेक बांटे थे, वह बाउंस हो गए। अब दावा किया जा रहा है किलोन के चेक देने थे और गलती से सब्सिडी के चेक बांट दिए गए। अब विभाग ने इन चेकों का भुगतान रुकवा दिया है।
जिला प्रशासनिक अधिकारी इन लाभार्थियों से चेक वापस मंगवा रहे हैं। ये पूरी गड़बड़ी महिला विकास विभाग और बैंक प्रतिनिधियों के बीच समन्वय न होने की वजह से होना मानी जा रही है। गत 26 अप्रैल को सांसद संजय भाटिया, मेयर अवनीत कौर, डीसी सुशील सारवान, एडीसी वीना हुड्डा, एलडीएम कलम गिरधर ने इन लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए सचिवालय में आमंत्रित किया। यहां 35 महिलाओं को 10-10 हजार रुपये के चेक दिए, ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर सकें। जब इन्होंने चेक अपने खातों में लगाया तो बाउंस हो गए। इसकी शिकायत जिला प्रशासन को दी तो उनके होश उड़ गए। जिसके बाद इसकी जांच पड़ताल करने तक के आदेश दिए गए।
ब्सिडी भी मिलनी थी। इनमें महिला विकास विभाग के पास करीब 1600 आवेदन आए। इनमें से करीब 207 के आवेदन स्वीकृत किए गए। जिनमें से कुछ को बैंक से लोन की मंजूरी भी मिल गई लेकिन लोन देने से पहले ही विभाग की ओर से इनको लोन की बजाए सब्सिडी के चेक बांट दिए गए जबकि सब्सिडी लाभार्थियों की बजाय बैंक को जमा करवानी थी।
योजना के तहत बैंकों को लोन दिए जाने थे। इसके लिए उन्होंने पोर्टल पर स्वीकृति और सब्सिडी के लिए लाभार्थियों के नाम अपडेट कर दिए। अभी तक इनको लोन दिया नहीं था कि विभाग ने इनकी लिस्ट निकालकर लाभार्थियों को सब्सिडी के ही चेक बांट दिए जबकि ये चेक बैंक को जमा करवाए जाने थे। जिसे बैंक को लोन देने के बाद उसे लोन राशि में एडजस्ट करना था। अब ये चेक बाउंस होने लगे। पता चलते ही विभाग की ओर से इनकी स्टॉप पेमेंट करवा दी गई।
कमल गिरधर, एलडीएम
योजना के अनुरूप बैंक उनका सहयोग नहीं कर रहे हैं। पहले बैंक पोर्टल पर लोन स्वीकृत करते हैं, बाद में इसे रिजेक्ट कर रहे हैं जबकि इनका स्वीकृति पत्र हमें नहीं दे रहे हैं। इसका पता चलने पर दिए गए चेक का भुगतान रुकवाया गया है। स्वयं एलडीएम की ओर से कई बार बैठकों ने पोर्टल पर डाले जाने वाले केस को स्वीकृत होना बताया था। जिसके आधार पर चेक बांटे गए थे। बाद में इनको रिजेक्ट किया गया है। हमारे पास सभी सबूत हैं। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी है। ये बैंकर्स का बिल्कुल गलत काम है। योजना के अनुसार लाभार्थियों का लोन का स्वीकृति पत्र आने के बाद उनको लोन उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
- रोहिता, डीएम, महिला विकास विभाग