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जाटों ने छेड़ा असहयोग आंदोलन, सब्जी-दूध सप्लाई नहीं किया

Thu, 02 Mar 2017 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत - फोटो : पानीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
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पानीपत। जाटों के असहयोग आंदोलन और दूसरे स्थान पर धरना देने के ऐलान से प्रशासन सतर्क हो गया है। जाटों ने बुधवार को एक दिन के लिए सब्जी और दूध की सप्लाई पूरी तरह से बंद रखी। संघर्ष समिति का 40 सदस्यीय दल के बजाय अब 250 के करीब लोग दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में वीरवार को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने जाएंगे। दूसरी तफर प्रशासनिक अधिकारी स्टेडियम के धरनास्थल की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। दूसरे स्थान पर धरना देने के ऐलान को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इसके बाद से जाटों को मनाने के लिए समिति के सदस्यों से कहा जा रहा है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने दूसरे दिन चार हजार टोपियां बांटीं।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति बैनर तले चल रहा धरना बुधवार को 32वें दिन शांतिपूर्वक रहा। समिति के आह्वान पर जाट समाज के लोगों ने बुधवार को एक दिन के लिए सब्जी और दूध की सप्लाई बंद रखी। पानीपत मे सब्जी और दूध की सप्लाई बंद का मिलाजुला असर दिखा। समिति के सदस्यों के अनुसार असहयोग आंदोलन का असली असर दिल्ली के तंजर-मंतर प्रदर्शन के बाद दिखेगा। प्रदर्शन के बाद आगामी कई रणनीतियों का ऐलान भी शुक्रवार को होगा। जाटों की आगामी रणनीति के एलान के बाद प्रशासन भी तैयारियों में जुट गया है। बुधवार को स्टेडियम के धरनास्थल में कई बिरादरी के लोगों ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया। समर्थन देने वालों में धानक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव रवि इंदौरा, सोनीपत के जिलाध्यक्ष मामन, मदन लाल, कृष्ण, सत्यवान, रामदारी, रामकिशन मराठा शामिल हैं। धरनास्थल को जाटल की एमए हिंदी की छात्रा कुसुम ने जाट समाज से अपील की कि वे इसी तरह शांतिपूर्वक अपनी मांगों को मनवाएं। जाट कौम को बदनाम न होने दें। उन्होंने कहा कि सात मांगों के आगे सरकार को एक दिन जरूर झुकना पड़ेगा। संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव प्रताप सिंह दहिया और जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह देशवाल ने बताया कि सरकार को जाटों की सातों मांग मान लेनी चाहिए। जाट नेताओं ने असहयोग आंदोलन को सहयोग देने की अपील भी की। कहा कि बिजली-पानी के बिलों और बकाया लोन को न भरकर सरकार पर दबाव बनाने में सहयोग करें। चंदा कमेटी के प्रधान रामचंद्र डाहर ने बताया कि गांव भालसी ने 37,500 और खलीला प्रह्लादपुर ने 30 हजार रुपये का चंदा जमा कराया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दीपक खटखड़, पूर्व सरपंच बिंटू मलिक, मास्टर रामचंद्र डाहर, हरविंद्र कारद, मोहन लाल, प्रदीप पूठर, रामधारी सेठ आट्टा, कृष्ण बुआना लाखू, चतुर्भुज बुड़शाम, रणधीर भालसी, रणबीर गुलिया, हरपाल सिंह, जगबीर देशवाल मौजूद रहे।
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