इसराना। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति 22 फरवरी को नौल्था गांव की गौशाला में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे लोगों की याद में जाट आरक्षण योद्धा दिवस मनाएगी। ये जानकारी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया ने सोमवार को नौल्था गोशाला में आयोजित बैठक में दी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 से 2016 तक जाट आरक्षण के लिए आंदोलन चला था। इसमें 22 जाट योद्धा मारे गए थे। इनमें सबसे पहली मौत सुनील श्योराण की हुई थी। इस बार 22 फरवरी को आरक्षण के दौरान मारे गए योद्धाओं की स्मृति में नौल्था गोशाला में जाट आरक्षण योद्धा दिवस मनाया जाएगा। समारोह में इनके आश्रित परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। इसमें प्रदेश के अलावा पंजाब दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों से प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस मौके पर प्रदेश सचिव मास्टर मामन बेनीवाल, जिला प्रधान राजकुमार मलिक, उपप्रधान दिलावर घनघस, संयोजक रणधीर नैन, सूरजमल जागलान, राममेहर, जसमेर नौल्था व सुरेंद्र जागलान मौजूद रहे। संवाद