अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जाट आरक्षण संघर्ष समिति 29 जनवरी को प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना उग्रा खेड़ी या इसके आसपास करने पर अड़ी है। लेकिन, प्रशासन ने शनिवार को दूसरे दिन भी समिति की इस मांग को नहीं माना है। प्रशासन जाटल गांव स्थित खेल स्टेडियम में धरने के लिए जगह देने को तैयार है, लेकिन जाट समिति यहां के लिए राजी नहीं है। समिति ने इन सबके बीच दिनभर उग्रा खेड़ी और इसके आसपास के गांवों में जनसंपर्क किया। दूसरी तरफ प्रशासन और पुलिस दिनभर आंदोलन के लिए बैठक करती रही। शहर में फ्लैग मार्च निकालकर लोगों को सुरक्षा और व्यवस्था का भरोसा दिया। जाट समिति ने उग्रा खेड़ी या इसके आसपास धरना देने का दावा किया है। प्रशासन व पुलिस ने कानून व व्यवस्था किसी भी सूरत में न बिगडने देने की साफ शब्दों में चेतावनी दी है।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के 29 जनवरी को प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरना आज है। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी धरना न होने देने के लिए सुबह से शाम तक मीटिंग करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने समिति पदाधिकारियों से भी संपर्क साधा। समिति ने स्टेडियम को छोड़कर काला आंब रोड पर पानीपत-हरिद्वार हाईवे से 500 मीटर दूरी धरना देने की बात कही। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि उनको यहां पर एक एकड़ जमीन मिल गई है। वे यहां पर धरना दे सकते हैं। बाद में वह व्यक्ति धरने के लिए जगह देने से पीछे हट गया। प्रशासन ने समिति पदाधिकारियों को जाटल स्टेडियम में धरना देने की सलाह दी। समिति ने इस बात को नकार दिया है।
प्रशासन की तरफ से एसडीएम पानीपत मीडिया से हुए रूबरू
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी इस पूरे मामले के बाद शनिवार शाम को मीडिया से रूबरू हुए। एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी और डीएसपी मुख्यालय जगदीप सिंह दूहन ने कहा कि जाट समिति को धरने के लिए प्रशासन जगह देने को तैयार है, परंतु समिति के सदस्य उग्रा खेड़ी गांव के पास ही धरना देने पर अड़े हैं। पिछले दिनों पूरे जिले का दौरा किया था। सरकार के मैसेज को जन-जन तक पहुंचाया। सभी से शांति से आंदोलन करने की अपील की गई थी। सरकार ने हिदायत दी है कि कोई भी व्यक्ति सरकारी प्रॉपर्टी या कार्य में बाधा डाले तो उसे बख्शा नहीं जाए। उन्होंने कहा कि पिछले साल जब जाट नेता मतलौडा में आंदोलन कर सकते हैं, तो गांव जाटल के स्टेडियम में भी धरने को लेकर राजी हो जाना चाहिए। गांव उग्राखेड़ी की पंचायत ने भी उपायुक्त से उनके यहां धरना न होने की अपील की है। इसके बाद समिति के सदस्यों ने काला आंब के पास किसी ओम नामक व्यक्ति की एक एकड़ जमीन पर धरना देने की मांग उपायुक्त से की थी। प्रशासन के दखल के बाद ओम ने समिति के सदस्यों को जगह देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब जिला प्रशासन समिति के सदस्यों को मतलौडा, भापरा और जाटल के स्टेडियम में धरने की मंजूरी दे रहा है तो उन्हें बात मान लेनी चाहिए। इस अवसर पर तहसीलदार जिवेंद्र मलिक, ड्यूटी मजिस्टेट दीपक व सीआईडी इंस्पेक्टर योगेश कुमार मौजूद रहे।
यूपी चुनाव में साधना चाहते हैं निशाना
जाट समाज के कुछ जानकारों की माने तो समिति इस बार संघर्ष के दौरान यूपी और पंजाब चुनाव पर निशाना साधना चाहती है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति पानीपत-हरिद्वार रोड पर स्थित उग्रा खेड़ी को भी इसलिए चुन रही है। जानकारों की माने तो समिति यूपी के लोगों को दिखाना चाहते हैं कि भाजपा की नीतियां जनहितैषी नहीं हैं। प्रदेश की जनता भाजपा की केंद्र ही नहीं प्रदेश सरकार से भी खुश नहीं है। वे यहां पर बैठकर यूपी के लोगों को भी यह सब दिखाना चाहते हैं।
इन स्थानों पर रहेगी विशेष नजर
सरकार ने जिले में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को सख्त हिदायत दी है कि वे जिले में अप्रिय घटना न होने दें। इसलिए अधिकारियों ने पिछले दिनों जिले के सभी जिला पार्षदों, सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक कर चेताया था। सरकार ने जिले में कई फोर्स टीमें डेरा डाले हुए हैं। रैफिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी असंध रोड नाके और दिल्ली पैरलल नहर पर डेरा डाले हुए हैं। नहर के दोनों हिस्सों पर लगातार गश्त की जा रही है। इसके साथ ही रेलवे ट्रैक और जीटी रोड पर भी जिला प्रशासन, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। पानीपत के दोनों टोल टैक्सों और सनौली-हरिद्वार मार्ग, सिवाह चौक पर भी पुलिस टीमें तैनात हैं। आने-जाने वालों पर भी नजर रखे हुए है। पानीपत सिटी के साथ-साथ मतलौडा रेलवे ट्रैक के आसपास, बाबरपुर, इसराना, समालखा और बापौली में भी पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।
शांति बनाए रखने की अपील : एसपी
जिला पुलिस कप्तान राहुल शर्मा ने बताया कि जिले की सीमाओं और सार्वजिक स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों की शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में ड्यूटियां लगाई गई हैं। सबको शांति बनाए रखने की अपील की गई है। एसपी ने कहा कि लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसी के बहकावे में आए : खरे
उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने कहा कि सरकार जाटों को आरक्षण देने के सकारात्मक व प्रभावी कदम उठा रही है। लोगों को इस समय शांति बनाकर प्रशासन और सरकार का सहयोग करना चाहिए। वे किसी के बहकावे में न आएं और न ही किसी तरह का गलत रास्ता चुनें। यदि कोई व्यक्ति सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो उसको बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है।