जाट आरक्षण की गांवों से उठी चिंगारी शहर में भी पहुंच गई। जाट युवाओं ने शहर में आकर तीनों प्रमुख कॉलेजों समेत आधा दर्जन स्कूलों को बंद करा दिया।
इस दौरान कॉलेजों में सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प तक हो गई। सिवाह व गांजबड़ के पास सैकड़ों ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-वन को जाम करने के लिए इसके नजदीक डेरा डालकर बैठ गए हैं।
दिल्ली अंबाला प्रमुख रेलवे ट्रैक पर सोनीपत के राजलू गढ़ी में ट्रैक जाम करने पर करीब 60 ट्रेनों में हजारों यात्री फंस गए। पानीपत-रोहतक व पानीपत-जींद रेल मार्ग पहले से ही बंद पड़ा है। जाटों के उम्र होते आंदोलन के चलते प्रशासन व पुलिस चुप्पी साधे हुए है।
जाट आरक्षण की मांग शुक्रवार को उग्र हो गई। जाट एनएच-71-ए व पानीपत-हरिद्वार मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ दर्जन स्थानों पर जाम लगाने के साथ पानीपत-सफीदों मार्ग पर भी उतर आए।
जिले में करीब तीन दर्जन स्थानों पर जाम लगा दिया। जिसके चलते पानीपत शहर से बाहर निकलने का केवल जीटी रोड ही सहारा रहा और लोगों को खेतों के रास्ते अपने गंतव्य को जाना पड़ा।
वहीं शुक्रवार सुबह इनसो के जिलाध्यक्ष बलराज देशवाल की अगुवाई में दर्जनों युवा शहर के एसडी पीजी कॉलेज में पहुंच गए। युवाओं ने कॉलेज की छुट्टी करा दी और यहां से सीधे आईबी पीजी कॉलेज में पहुंच गए।
युवाओं ने कॉलेज प्रबंधन ने आरक्षण को देखते हुए छुट्टी कराने की मांग की। दोनों कॉलेजों के जाट युवाओं का समर्थन मिलते ही वे लालबत्ती चौक से जीटी रोड पर सरकार विरोधी नारेबाजी करते आर्य पीजी कॉलेज की तरफ बढ़ गए।
जिससे जीटी रोड भी बाधित हो गया। थाना शहर प्रभारी सुरेश कुमार भारी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे। युवाओं को जीटी रोड से सर्विस लेन पर कराया।
जिसके बाद जीटी रोड का यातायात सुचारू किया गया। युवाओं ने आर्य पीजी कॉलेज में घुसने का प्रयास किया। यहां पर सुरक्षाकर्मियों व पुलिसकर्मियों के साथ जमकर कहासुनी व हाथापाई हुई। कॉलेज प्रबंधन ने मामले को देखते हुए छुट्टी कर दी।
सिवाह गांव में जाट व पुलिस आमने-सामने
जाट जीटी रोड को जाम लगाने की सोचकर शुक्रवार सुबह ही सिवाह गांव के स्टेडियम में पहुंच गए। कुछ ही देर में चालीस-पचास से बढ़कर दो सौ से ढाई सौ की संख्या में हो गए।
डीसी समीर पाल सरो व एसपी राहुल शर्मा भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए। ग्रामीण स्टेडियम में अपनी रणनीति बनाते रहे और बाहर पुलिस उनके निकलने का रास्ता देखती रही।
सिवाह गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। कुछ ही देर में इसराना व आसपास से भी ग्रामीण गांव में पहुंच गए। उन्होंने यहां पर चर्चा की और जीटी रोड को जाम करने की रणनीति बनाई।
इसके बाद जाट टोलियां बनाकर स्टेडियम से सुरक्षित स्थानों पर चले गए, लेकिन पुलिस सिवाह गांव में पुलिस रातभर डटी रही। वहीं गांजबड़ गांव में भी कुछ लोग जीटी रोड के नजदीक बैठ गए।
एक दर्जन स्थानों पर लगाया जाम
जाट आरक्षण की मांग को लेकर जाम लगाने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पानीपत-सफीदों मार्ग पर भालसी गांव के पास जाम लगा दिया। जीटी रोड-रिफाइनरी रोड पर बडौली के पास जाम लगा दिया। चंदौली, कुराड़, मनाना रोड, धर्मगढ़ चौक व नारायण गांव में भी जाम लगा दिया। समालखा-हथवाला रोड पर डिकाडला गांव में जाम लगा दिया। उधर यूपी को जाने वाले छोटे रास्तों नांगला पार, राजा खेड़ी व बबैल अड्डे पर जाम लगा दिया।