पानीपत। राजाखेड़ी गांव में सोमवार को गुरुदेव जैन मुनि श्रेयांश, गुरुदेव रोहित मुनि महाराज व रजत मुनि महाराज ठाणे-3 का चातुर्मास प्रवेश का दूसरा दिन रहा। गांव में मांगलिक चातुर्मास में आस-पास के गांव से भी श्रद्धालु पहुंचे। जैन मुनि श्रेयांश ने मोह-माया और लोभ पर काबू पाने का संदेश दिया।
गुरुओं ने प्रवचन में कहा कि जैन समाज में चातुर्मास का विशेष महत्व होता है क्योंकि साल के 12 महीनों में से इन चार महीनों को अधिक महत्व दिया जाता है। क्योंकि इन चार महीनों को वर्षा के महीने भी कहा जाता है और वर्षा के मौसम में अनेक छोटे-छोटे जीव जन्म लेते हैं। जैन मुनि इन चार महीनों में मौन, सत्संग और ध्यान में लीन हो जाते हैं। इन चार महीनों में मोह-माया, लोभ को काबू करने प्रयास किया जाता है। जीवन में संस्कारों का बीजरोपण कर जीवन की दशा और दिशा को सही दिशा देना है ताकि एक सही समाज का निर्माण हो सके। इस अवसर पर समाजसेवी विजय जैन, प्रधान राहुल जैन, रितु रानी व बोधराज उपस्थित रहे।