पानीपत। इन दिनों प्रचंड ठंड अपने तीखे तेवर दिखा रही हैं। मंगलवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। ऐसे में लोगों को घर के भीतर सिर्फ रजाई और कंबल ही भा रहे हैं। पहाड़ों में हुए हिमपात के चलते उत्तर भारत के कई राज्य शीत लहर की चपेट में हैं। पंजाब, हरियाणा सहित आसपास के क्षेत्र में भी हिमपात का असर बढ़ी ठंड के रूप में दिखाई दे रहा है।
प्रदेश सहित जिले में मंगलवार सुबह घना कोहरा रहा तो दिन भर बादल छाए रहे। एक बार भी सूरज के दर्शन नहीं हुए। आलम यह रहा कि घर की चहारदीवारी के भीतर भी लोग ठिठुरन और गलन महसूस करते रहे। सुबह-शाम की ठंड नश्तर की भांति चुभ रही है। मंगलवार को पानीपत का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं, न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो यह इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान है। हवा में नमी का स्तर 72 से 95 प्रतिशत रहा। ठंडी हवाओं की गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार और वीरवार को भी खूब ठंडक रहेगी। इसके अलावा अगले 24 घंटों के दौरान घना कोहरा भी संभव है।
21 तक बादल छाए रहने की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से हवा में बदलाव उत्तर पश्चिम से दक्षिण पूर्व व पूर्वी हो जाने से राज्य में ज्यादातर इलाकों में 21 जनवरी तक आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। हरियाणा कृषि मौसम विभाग हिसार के वैज्ञानिक डॉक्टर मदन लाल खीचड़ के मुताबिक 21 जनवरी तक मौसम परिवर्तन और आमतौर पर खुश्क रहने की संभावना है। इसके बाद 22 से 24 जनवरी तक बूंदाबांदी और बारिश हो सकती है।
भीषण ठंड के बीच अधिकतर स्थानों पर अधिकतम व न्यूनतम तापमान गिर गया है। पूरे प्रदेश में शीतलहर और कोहरे का प्रकोप बढ़ा है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले कुछ दिनों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज करने का पूर्वानुमान लगाया है। वहीं, 22 जनवरी से बारिश की भी संभावना है।
- डॉ. डीएस बूंदेला, मौसम विशेषज्ञ।