बिंझौल कांड की जांच के लिए रविवार को स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम दोबारा गांव पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने किशोरों के परिवार वालों से उन्हें पूछताछ नहीं करने दी। ग्रामीणों ने मांग रखी कि पहले लाठीचार्ज के बाद गिरफ्तार किए 14 ग्रामीणों को जेल से रिहा करने के साथ जब्त किए गए वाहनों को लौटाया जाए और एफआईआर रद्द की जाए। इसके बाद ही परिजनों से पूछताछ करने दी जाएगी। इसके बाद एसआईटी को गांव से बैरंग लौटना पड़ा। एसआईटी ने लघु सचिवालय के सामने से लेकर गोहाना रोड तक सीसीटीवी को चिह्नित किए। जिसके आधार पर टीम को जांच में मदद मिल सके।
ग्रामीण नीरज, मृतक अरुण के पिता बजिंद्र, आकाश, सोहन और अन्य ने बताया कि सुबह 10 बजे एसआईटी टीम से डीएसपी जगदीप दूहन का फोन आया। जिसमें उनसे मृतक परिवार से मिलकर बयान दर्ज करने और वारदात स्थल का मुआयना करने की बात कही। टीम जब गांव पहुंची तो उन्होंने अपनी मांग डीएसपी के सामने रखी। उन्होंने कहा कि वीरवार को पानीपत पुलिस ने जीटी रोड से 14 लोगों को उठाकर जेल भेजा था। जिनमें महावीर, रामकिशन, सीताराम, पवन, सुमित, रमेश, राजकुमार, अशोक, ओमप्रकाश, पालेराम, दरियाव सिंह, राजपाल, सतपाल और राजशेखर शामिल है। वे कश्यप समाज के लोग हैं। पुलिस ने 39 नामजद और 500 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। इससे पूरे गांव में रोष है। सबसे पहले उनके गांव के लोगों को जेल से बाहर निकाल जाए। किसानों के जब्त किए ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकअप, 30 से 35 बाइकों को वापस किया जाए। जिसके बाद किशोरों के माता-पिता से एसआईटी को पूछताछ करने दी जाएगी।
- मृतक किशोरों की हत्या साथ ही लाठीचार्ज की भी जांच शुरू
डीएसपी जगदीप दूहन ने बताया कि पहले दिन मृतक किशोर लक्ष्य, वंश व अरुण के मामले की जांच की थी और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाएं थे। वहीं रविवार को सिटी थाना में दर्ज हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं के मामले की जांच की और एफएसएल, साइबर सेल से मामले की रिपोर्ट मांगी। वह अब दोनों मामलों को साथ लेकर चल रहे है। रविवार से लाठीचार्ज की भी जांच शुरू कर दी गई है।
तीन हिस्सों बंटकर चयनित किए 150 से सीसीटीवी, सोमवार को निकाली जाएगी फुुटेज
डीएसपी जगदीप दूहन ने बताया कि बिंझौल गांव से लौटते समय तीन भागों में टीम को बांट लिया था। जिसके एक टीम में वह स्वयं और दो अन्य टीमों में मधुबन इंस्पेक्टर तरसेम एवं महिला थाना प्रभारी सविता थीं। उन्होंने स्वयं 40 से अधिक स्पॉट को चयनित किया। वहीं उनकी अलग अलग टीम के मिलाकर कुल 150 से अधिक सीसीटीवी के स्थान चयनित हुए हैं, जिनसे सोमवार को फुटेज निकलवाई जाएगी। रविवार होने की वजह से सभी दुकाने बंद थी, इसलिए वह सोमवार को दोबारा आएंगे।
पानीपत पुलिस की हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं के तहत हुई कार्रवाई कहां तक सहीं, आज होगा फैसला
पानीपत पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद ग्रामीणों ने पथराव किया था। जिसमें पुलिस ने आबधा प्रबंध एक्ट के तहत 51, नेशनल हाइवे जाम करने के अपराध में 8 बी, पब्लिक प्रापर्टी डेमेट करने के अपराध में 3, पुलिस पर जानलेवा हमला करने के अपराध में 307 व अन्य धाराए, जिनमें 148,149,186,283,332,353,427 और 511 के तहत केस दर्ज किया था। जिसका खुलासा होगा। टीम ने इसी पहलू पर रविवार को काम किया। पानीपत पुलिस का कहना है कि बिंझौल निवासी गांव से ही लाठी, डंडे, रॉड व अन्य हथियार से लैस होकर आए थे, अब करनाल एसआईटी सीसीटीवी फुटेज में गोहाना रोड से लघु सचिवालय तक की गतिविधि देखेगी। जिनमें सिर्फ यह चेक किया जाएगा कि ग्रामीणों निहत्थे थे या हथियारों से लैस थे।
रक्षाबंधन की छुट्टी से एसआईटी को मिला और एक दिन
सोमवार को रक्षाबंधन है, जिससे पूरे हरियाणा की सरकारी छुट्टी है, लेकिन बाजारों को खुलने की अनुमति है। इस पर्व की छुट्टी से टीम को एक दिन का समय ओर मिल गया है, वह सोमवार को भी अपने साक्ष्य जुटाएंगी। वहीं मंगलवार को एफएसएल टीम भी अपनी जांच रिपोर्ट टीम को सौंपेगी, जिससे मौत का कारण भी स्पष्ट हो पाएगा। वहीं गांव में दिन भर कश्यप समाज संघर्ष समिति के बड़े बड़े सदस्यों का आना जाना लगा रहा। सभी ने ग्रामीणों को एकजुट होकर मृतक परिवार के साथ खड़े होने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वह इस बार हरियाणा के साथ साथ यूपी, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान से कश्यप समाज के सदस्य इकट्ठा होंगे और इंसाफ मांगने के लिए शांतिपूर्ण धरने पर बैैठेंगे।
तीन माह नहीं लगेंगे, मंगलवार को आएगी तीनों मासूमों की विसरा रिपोर्ट
डीएसपी जगदीप दूहन ने बताया कि विसरा मंगलवार को आ जाएगी। रिपोर्ट आने में तीन माह का वक्त लगता है, लेकिन एसआईटी टीम ने मंगलवार को ही मंगा लिया है, जिससे बच्चों की मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। विसरा रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- तीन क्राइम एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी एसआईटी को मिली-
करनाल पुलिस की जांच सही दिशा में बढ़ रही है। एसआईटी टीम के सदस्य डीएसपी जगदीप दूहन ने बताया कि उनकी दोनों ही मामलों की जांच सही दिशा में बढ़ रही है। टीम ने काफी साक्ष्य जुटा लिए है । वहीं पानीपत पुलिस को जो तीन क्राइम एक्सपर्ट की रिपोर्ट नहीं मिली थी वह भी रविवार को उनके पास आ गई है, वह जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेंगे।
गांव बिंझौल से एसपी से मिलने गया एक गणमान्य, दिए सभी तथ्य-
करनाल एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया से शनिवार को ग्रामीण मिले थे, जिसके बाद एसपी ने ग्रामीणों का कहा था कि उनके पास इस मामले से संबंधित जो भी वीडियो व फोटो वह रविवार को एसआईटी को सौंप दे, ताकि उसके आधार पर भी जांच हो सके। जिसके बाद गांव से एक युवक एसपी के पास पहुंचा और उन्हें फोटो व वीडियो समेत कई तथ्य सौंपे।