पानीपत। नगर निगम में 4.50 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो ने शुरू कर दी है। ऐसे में इस मामले में आरोपों में घिरी संयुक्त आयुक्त की पीए समेत चारों कर्मचारियों की दिक्कत और बढ़ गई है।
आरोप हैं कि उक्त लोगों ने दलालों से मिलकर फर्जी तरीके से प्रॉपर्टी आईडी बनाकर निगम को क्षति पहुंचाई। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने इसकी जानकारी लोकायुक्त में दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को की जाएगी।
शिकायतकर्ता पीपी कपूर ने लोकायुक्त को सबूतों सहित शिकायत भेज कर नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में 4.50 करोड़ से ज्यादा के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। इसकी एंटी करप्शन ब्यूरो से जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में नियुक्त कई कर्मचारियों ने हेराफेरी, जालसाजी कर अवैध काॅलोनियों में स्थित सैकड़ों संपत्तियों को वैध एरिया में दिखाते हुए प्रॉपर्टी आईडी बनाकर व बड़े बड़े प्रॉपर्टी टैक्स को घटा कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है।
नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने इसकी जांच कराई। इसमें सामने आने पर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की। वे इस मामले को लेकर लोकायुक्त में चले गए थे।
एसपी ने लोकायुक्त के सामने कही : लोकायुक्त कोर्ट में इस मामले में सुनवाई की गई। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने लोकायुक्त को बताया कि डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स से मामले की जांच कराई गई थी। नगर निगम से रिकॉर्ड लेने के लिए पत्राचार किया गया तो निगम के संयुक्त आयुक्त -1 व अन्य कर्मचारियों ने बताया कि मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो कर रहा है।