एचटेट की परीक्षा के दौरान आईटीआई में बी-1 परीक्षा केंद्र में गणित के परीक्षार्थियों को पंजाबी का प्रश्न पत्र थमा दिया गया। सभी परीक्षार्थियों द्वारा प्रश्न पत्र खोलने से पूर्व ओएमआर शीट में प्रश्न पत्र का नंबर भर दिए जाने के कारण यह बदला भी नहीं जा सका। जिस कारण बच्चों ने अपनी परीक्षा रद होने की आशंका के चलते हंगामा कर दिया। बाद में डीसी एवं एसपी ने मौके पर पहुंच कर शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से बातचीत करवाकर समस्या का समाधान करवाया।
परीक्षार्थी राजश्री, प्रमोद कुमार, सुमन, अशोक, प्रीति, सोनम, सोनल, हरजीत, नेहा, दव्यिा, नीशू, कर्मजीत, सुमन ने बताया कि आईटीआई के बी-1 में बनाए गए परीक्षा केंद्र में वे गणित की एचटेट की परीक्षा देने पहुंचे थे। जहां उन्हें परीक्षा शुरू होने से पूर्व ओएमआर शीट दे दी गई। जिसमें प्रश्न पत्र का नंबर भर दिया गया। परीक्षा शुरू होने के बाद जब उन्होंने प्रश्न पत्र खोलकर देखा तो प्रश्न पत्र गणित की बजाए पंजाबी का पाया गया। जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। जब ड्यूटी दे रहे स्टॉफ से इस बारे में पूछा तो स्टॉफ सदस्य पंजाबी के बच्चों से प्रश्न पत्र लेकर आए। लेकिन ओमएमआर शीट पर ना तो फ्लूड ही लगाया जा सकता। जिस कारण उनकी परीक्षा रद हो जानी थी। वे परीक्षा छोड़कर कमरों से बाहर आ गए। इसी बीच मामले की सूचना मिलते ही डीसी केएम पांडुरंग एवं एसपी कृष्ण मुरारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परीक्षार्थियों की पूरी बात सुनीं।
बाद में डीसी ने शिक्षा बोर्ड भिवानी में संपर्क किया। जहां अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद फैसला लिया गया कि इन बच्चों की उत्तर पुस्तिका को मैन्यूअली चैक किया जाएगा न कि कंप्यूटर से। इसके बाद इन परीक्षार्थियों की परीक्षा शुरू हुई। ढेड़ घंटे बाद करीब साढ़े चार बजे इन परीक्षार्थियों की परीक्षा शुरू हुई। उन्हें परीक्षा के लिए अतिरिक्त समय भी दिया गया।
डीसी केएम पांडुरंग ने बताया कि गलत प्रश्न पत्र वितरित किए जाने के कारण परेशानी आ गई थी। बोर्ड में अधिकारियों से बातचीत कर समस्या का समाधान करवा दिया गया है। पता लगाया जा रहा है यह किसकी गलती थी। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
रोने लगी छात्राएं...हमारा करियर खराब हो जाएगा
परीक्षा केंद्र में जब सभी बच्चे परीक्षा दे रहे थे तो गलत प्रश्न पत्र मिल जाने के कारण कमरों से बाहर आई छात्राएं रोने लगी। उन्हें डर था कि इतनी तैयारी के बावजूद यदि परीक्षा नहीं दे पाईं तो उनका करियर खराब हो जाएगा।
चार परीक्षार्थियों को नहीं मिली इंटरी
परीक्षा के दौरान इसी परीक्षा केंद्र पर चार परीक्षार्थियों को देरी से आने के कारण अंदर नहीं जाने दिया गया। सुमन फतेहपुर, राजेंद्र कौर भाणा, चरणजीत खरकां एवं जगविंद्र सिंह चीका ने बताया कि वे 3 बजे परीक्षा केंद्र में पहुंच गए थे। लेकिन उन्हें परीक्षा केंद्र में नहीं जाने दिया गया। जिस कारण उनकी सारी तैयारी धरी की धरी रह गई।