संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बापौली में भारतीय भाषा समर कैंप में विद्यार्थियों को स्थानीय व्यंजन, मसाले, फल और सब्जियों पर आधारित जानकारी दी।
प्राध्यापक आजाद सिंह ने कहा कि हमारे स्थानीय व्यंजन अपनी सादगी और पौष्टिकता के लिए जाने जाते हैं। बाजरा, बेसन, दूध में भरपूर पोषक तत्व होते हैं। ये हमारे शरीर को भरपूर ऊर्जा देते हैं। घी, दूध, दही, लस्सी,चूरमा, खिचड़ी, बाजरे की रोटी चने का साग हरियाणा प्रदेश की पहचान बन चुकी है। सुनील वत्स ने हरियाणा के पारंपरिक और सादे भोजन में मसालों का महत्व के बारे बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य की रक्षा और पाचन को मजबूत करने के लिए भी प्रयोग किए जाते हैं। हींग, जीरा, अजवायन, औषधि का काम भी करते हैं। मीनाक्षी ने सब्जियों की पौष्टिकता, भोजन में सलाद का महत्व, और उनके गुणों बारे बताया। छात्राओं को फल और सब्जियों की दुकान लगा कर उनकी खरीद करनी सिखाई। बच्चों को शिकंजी बनाना सिखाया, स्लाद बनानी सिखाई गई। गुलशन कुमार ने फलों की जानकारी दी।