सरकार को एमएसएमई को प्रोत्साहन देने की मांग
इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन के प्रधान भगवान अग्रवाल ने कहा कि भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। इसके दो कारक हैं। आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया, मार्केटिंग में सामान बेचना उसका छोटा सा भाग है। उद्योग स्थापित करने से पहले सबसे पहले अध्ययन, लागत, वस्तु को कैसे कहां लॉन्च किया जाए बड़ा विषय है। बाजार की जरूरत क्या है इसका अध्ययन जरूरी है। उद्योग लगाने से पहले समय, स्थान, बाजार और ब्रांड का अध्ययन करना चाहिए। लॉन्च क्षेत्र के बारे में उस चीज की क्या उपयोगिता, जरूरत है उसका पता होना चाहिए। एमएसएमई को सरकार को प्रोत्साहन देना चाहिए।
हरियाणा एनवायरमेंट मैनेजमेंट सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष भीम राणा ने कहा कि हमें कुछ करने से पहले देखना चाहिए कि हमारे सामने क्या है। हमारी चुनौती चाइना से है। जिस प्रकार चाइना की सरकार वहां के उद्योगपतियों को सहयोग करती है। उसी प्रकार भारत सरकार को चाहिए कि वह उद्योगपतियों को सहयोग करे। सरकार सड़क, पानी, भवन निर्माण, बिजली में सहयोग करना चाहिए। सरकार को उद्योगपतियों के साथ समन्वय करके उनकी समस्या का हल करना चाहिए।
डाई हाउस एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन अरोड़ा ने कहा कि चाइना में उद्योगपतियों को जैसा सहयोग सरकार से मिलता है वैसा सहयोग ही भारत सरकार को भी करना चाहिए। इससे उद्योगपतियों को आगे बढ़ने में सहयोग मिलेगा।
अमेरिका के टैरिफ पर हुई चर्चा
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने कहा कि पानीपत में 95 प्रतिशत से ज्यादा एमएसएमई हैं। अमेरिका टैरिफ से हम ज्यादा दिन सरवाइव नहीं कर पाएंगे। बिना सरकार के सहयोग से उद्योग जल्द ही नष्ट हो जाएंगे और उनका फिर से पनपना भी मुश्किल है। सरकार एमएसएमई को जल्द ही कोई इंसेंटिव दे ताकि काम अच्छे से चल सके। सरकार का सहयोग इस समय जरूरी है।
सेल्स डायरेक्टर गुरमेहर सिंह ने कहा कि आज के समय में ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार से खरीदारी कर रहे हैं लेकिन ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहकों को सबसे बड़ी समस्या सीओडी कोड की आ रही है इसलिए सरकार को ऑनलाइन खरीदारी व बिक्री में आने वाली समस्या का भी समाधान करना चाहिए।