महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी अंजू बाला जानकारी देती हुई।
समालखा। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय समालखा ने क्षेत्र में संचालित प्ले-वे स्कूलों के खिलाफ सख्ती अपना ली है। करीब तीन महीने पहले कार्यालय द्वाराा 31 प्ले-वे स्कूलों को सात दिन का नोटिस जारी किया गया था लेकिन अब तक किसी भी स्कूल की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने अंतरिम नोटिस दोबारा जारी करने का निर्णय लिया है।
इस कार्रवाई की जिम्मेदारी डीसीपीओ, खंड शिक्षा अधिकारी और महिला एवं बाल विकास अधिकारी की संयुक्त समिति को सौंपी गई है। साथ ही पूरे मामले से जिला उपायुक्त को भी अवगत कराया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय समालखा के अंतर्गत 45 गांव व शहर आते हैं। कागजों में 31 प्ले-वे स्कूल दर्ज हैं, जबकि वास्तविकता में बिना पंजीकरण कई स्कूल संचालित हो रहे हैं। ये स्कूल अधिकतर किराए की इमारतों में चल रहे हैं, जहां बच्चों की सुरक्षा व सुविधाओं का अभाव है। बच्चों के वाहनों पर स्कूल का नाम अंकित नहीं होता, चालक बिना यूनिफॉर्म के होते हैं और फर्स्ट-एड बॉक्स की सुविधा भी नहीं है।
परियोजना अधिकारी अंजू बाला ने बताया कि एक स्कूल संचालिका द्वारा नोटिस लेने से इनकार करने पर नोटिस चस्पा किया गया था। अब शीघ्र ही दोबारा नोटिस जारी किए जाएंगे।