पानीपत। शहर में अवैध होर्डिंग का जाल बिछा हुआ है। शहर में करीब 200 होर्डिंग लगे हुए हैं। जबकि नगर निगम ने 40 की बोली कर पाया है। इनमें भी गड़बड़ी की बू आ रही है। ऐसे में वैध होर्डिंग से नगर निगम को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व को नुकसान हो रहा है।
शहर में पहले 19 होर्डिंग थे। अब इनकी संख्या करीब 40 है। ये मुख्य सड़कों और चौक पर लगाए गए हैं। नियमानुसार नगर निगम इनकी बोली करता है। इनको एक साल के ठेके पर दिया जाता है। शहर में होर्डिंग के लिए बड़ा खेल चल रहा है। असंध रोड, जीटी रोड, सनौली रोड, गोहाना रोड और शहर में अंदर मुख्य सड़कों पर जगह-जगह बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं। सेक्टर 13-17, अंसल, सेक्टर-11-12 और बरसत रोड पर भी जगह-जगह होर्डिंग लगे हुए हैं। इसके अलावा मॉडल में अंदर भी तीन-चार जगह होर्डिंग लगे हुए हैं।
अधिकारी नहीं ले रहे जिम्मेदारी
नगर निगम अधिकारी होर्डिंग के लिए अपनी सीधी जिम्मेदारी नहीं ले रहे हैं। अधिकारी एक दूसरे का नाम ले रहे हैं। एक्सईएन गोपाल कलावत से बात की तो उन्होंने बताया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। वहीं एमई दीपक राणा ने बात की तो उन्होंने बताया कि यह एटीपी के अंतर्गत का मामला है।
बड़ा खेल : एक साथ नहीं की जाती बोली
नगर निगम पहले होर्डिंग की एक साथ बोली करता था। ऐसे में पूरा रिकॉर्ड सामने रहता था। नगर निगम अब हर होर्डिंग की अलग-अलग बोली करता है। ऐसे में ठेकेदार को पूरा फायदा पहुंचाया जाता है। आरोप हैं कि इसमें अधिकारी व ठेकेदार सांठगांठ कर आसानी से निगम को चूना लगा रहे हैं।
होर्डिंग की बोली कराई जाती है। ठेकेदार को नियमानुसार ही काम करने दिया जाता है। अवैध होर्डिंग हटाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
दीपक राणा, एमई, नगर निगम।
जाटल रोड पर लगे होर्डिंग। संवाद