मतलौडा। कृषि विभाग द्वारा वीरवार को धर्मगढ़ गांव के खेतों में किसानों को पराली प्रबंधन को लेकर कार्यक्रम किया गया। किसानों को पराली प्रबंधन के फायदाें के साथ इसके उल्लंघन पर कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया गया।
खंड कृषि अधिकारी विजेंद्र जागलान व कृषि विकास अधिकारी डॉ. जगफूल राठी ने इसके साथ जोशी, कवी, जीतगढ़ व नारा गांव के खेतों में जाकर किसानों के साथ बैठक की। उन्होंने खेतों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने वाले किसानों को लेकर सरकार सख्त है। अगर किसी किसान ने पराली में आग लगाई तो उसको दो वर्ष तक सरकारी योजनाओं के लाभ से मुक्त कर दिया जाएगा। इसके साथ एमएसपी पर फसल नहीं बेच पाएंगे। इतना ही नहीं जुर्माना लगाने के साथ उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। किसान पराली व अवशेष जलाने की बजाय इसका प्रबंधन करें। इसमें प्रति एकड़ एक हजार रुपये दिए जाते हैं। किसानों को बेलर नहीं मिल पाते हैं तो वे विभाग में संपर्क कर सकते हैं।उन्होने कहा कि फिल्ड में बेलर आए हुए। किसान पराली के गढढे बनवाएगा तो उसे सरकार की ओर से एक हजार रूपए प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाएगा। किसान रोटावेटर,सुपरसीडर के जरीए भी पराली प्रबंधन कर सकता है।