माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत ने मनीष कॉलोनी निवासी मुस्कान की गोली मारकर हत्या करने में पति विजय को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, विजय को पिस्तौल उपलब्ध कराने के आरोपी प्रवेश को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
मामले में थाना सेक्टर-29 क्षेत्र की मनीष कॉलोनी निवासी रुकसार ने 20 सितंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि उसकी बहन मुस्कान (21) ने कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के सोहनीजरा गांव निवासी विजय से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद रहने लगा। आरोप था कि विजय उसके साथ मारपीट करता था, जिसके चलते मुस्कान अपनी बहन रुकसार के साथ रहने लगी थी।
20 सितंबर 2021 की दोपहर विजय उनके घर पहुंचा और मुस्कान को अपने साथ चलने के लिए कहा। मुस्कान ने इन्कार कर दिया तो विजय ने पिस्तौल से उसके सिर में गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, कारतूस और खोखा बरामद किया। पुलिस ने विजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, प्रवेश पर विजय को पिस्तौल उपलब्ध कराने का आरोप था।
18 गवाहों की गवाही और दस्तावेजी साक्ष्य : मामले की सुनवाई एडीजे अंबरदीप सिंह की अदालत में हुई। 18 गवाहों की गवाही के साथ विभिन्न साक्ष्य पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने विजय को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पिस्तौल उपलब्ध कराने के आरोपी प्रवेश को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
सिर से सटाकर मारी गई थी
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार मुस्कान के सिर में बेहद नजदीक से गोली मारी गई थी। अदालत ने इस साक्ष्य को महत्वपूर्ण मानते हुए अन्य साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के साथ विजय को दोषी ठहराया।