पानीपत। एचपीसीबी (हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने प्रदूषण फैलाने पर तीन उद्योगों को क्लोजर नोटिस जारी किए हैं। इन उद्योगों को बोर्ड सील करेगा। सीएक्यूएम (वायु गुणवत्ता मैनेजमेंट आयोग) ने औद्योगिक नगर में उद्योगों में छापेमारी कर जांच की थी। इनमें पाया था कि वायु प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए एनजीटी द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन नहीं रहे हैं। इस दौरान शहर में कई डाई हाउसों से कपड़ा उद्योग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए नहीं मिले। पानीपत में उद्योगों में वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए ईटीपी से लेकर चिमनियों तक पर काला धुएं की जांच यंत्र लगाए हुए। उद्योगों पर ऑनलाइन इंस्ट्रूमेंट भी लगे हैं लेकिन उसके बाद भी प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का मानक 50 एसपीएम होना चाहिए, इसके लिए उद्योगों में कोयला, वेस्ट सहित पेट कोक आदि के जलाने पर प्रतिबंध है।
सीएक्यूएम की टीम ने उद्योगों की जांच के दौरान बोर्ड के नियमों की अवेहलना करते हुए उद्योग मिले। इन उद्योगों को क्लोजर नोटिस देने की अनुशंसा की गई है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पानीपत ने उद्योगों को क्लोजर नोटिस जारी किए हैं। जिन उद्योगों को क्लोजर नोटिस जारी किए गए हैं, इनमें पुराना औद्योगिक क्षेत्र जय गणेश टेक्सटाइल प्रा. लिमिटेड, जेएम टेक्सटाइल और सेक्टर 29 पार्ट -2 स्थित सिंगला एंटरप्राइजिज को क्लोजर नोटिस जारी किया है। एसडीओ कुलदीप ने बताया कि तीनों इकाइयों को नियमानुसार की गई है।
उद्यमियों ने जताई थी चिंता
पानीपत डायर्स एसोसिएशन ने सोमवार को एक निजी होटल में बैठक की थी। इसमें सीएक्यूएम की लगातार उद्योगों के सील करने की कार्रवाई के चलते उद्योगपति लामबंद हुए थे। एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि उद्यमियों ने बैठक कर मामले को पर्यावरण मंत्री के समक्ष उठाने का फैसला लिया है। उद्यमियों का कहना है कि पानीपत एनसीआर क्षेत्र में शामिल होने की सजा भुगत रहा है। बार-बार पानीपत को एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की मांग की जा चुकी है।