कुरुक्षेत्र। जिलेभर के करीब 20 चिकित्सक इन दिनों ड्यूटी से गैर हाजिर चल रहे हैं। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें अस्पताल का चक्कर काटने के साथ ही निजी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
गैरहाजिर कई चिकित्सक दो साल तो कुछ चार साल से ड्यूटी पर ही नहीं लौटे। वहीं जिले में 180 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 127 पद भरे गए हैं और 58 पद खाली है। 127 में से 107 चिकित्सक ऑन ड्यूटी चल रहे हैं। करीब 78 चिकित्सकों की कमी विभाग जूझ रहा है।
शाहाबाद एसडीएच सब-डिस्टिक्ट हॉस्पिटल में ही 42 में से 27 चिकित्सकों के पद खाली हैं। मरीज इलाज के लिए अस्पतालों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। इनमें कई विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के बावजूद अभी तक सरकार, स्वास्थ्य विभाग जरूरत के मुताबिक चिकित्सक मुहैया नहीं करा पाई। चिकित्सकों के अभाव में करीब दो साल से कई गंभीर रोगों से संबंधित ओपीडी बंद हैं। अस्पताल में लंबे अरसे से न तो मरीजों के दूरबीन से पथरी के ऑपरेशन हो पा रहे और न ही एंडोस्कॉपी। वहीं इको व टीएमटी की सुविधा भी करीब छह साल से मरीजों को नसीब नहीं हो रही। संवाद