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Panipat News: एसटीपी के पानी, प्रदर्शनी केंद्र, टेक्सटाइल पार्क व सस्ती भूमि की आस

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पानीपत। केंद्र सरकार एक फरवरी में अपना बजट लेकर आएगी। बजट से टेक्सटाइल नगरी के विभिन्न औद्योगिक संगठनों को काफी उम्मीद है। उद्यमी एसटीपी से नालों में जा रहे तीन करोड़ लीटर पानी की मांग कर रहे हैं। उद्यमी सालों से प्रदर्शनी केंद्र की मांग कर रहे हैं ताकि पानीपत के उद्योग को रफ्तार मिले। इसके अलावा उद्यमी टेक्सटाइल पार्क की मांग कर रहे हैं ताकि उद्यमियों को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं मिल सके। हर बार की तरह इस बार भी सरकार से औद्योगिक क्षेत्र के लिए नई योजनाओं व परियोजनाओं की आस है। उद्यमी सालों से लंबित अपनी टेक्सटाइल आस को लेकर बैठे हैं। उद्यमी अब तक भी सरकार से जेडएलडी की मांग कर रहे हैं।इससे भूमिगत जल बचेगा। इसके अलावा उद्यमी सरकार से सस्ती भूमि की भी मांग कर रहे हैं।
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प्रदर्शनी केंद्र होना बेहद जरूरी

पानीपत के उद्यमी सालों से प्रदर्शनी केंद्र की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। अगर प्रदर्शनी केंद्र मिले तो हम अपने उत्पादों का वहां प्रदर्शन कर सकेंगे। विदेशों से यहां बायर आएंगे। पानीपत के उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। उनकी सरकार से आशा है कि बजट में सरकार इसकी घोषणा करेगी।



- विनोद धमीजा, चेयरमैन, चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत




टेक्सटाइल पार्क की है आस : राजीव
टेक्सटाइल नगरी को सबसे अधिक जरूरत टेक्सटाइल पार्क की है। पार्क बनने से उद्यमियों को एक स्थान पर सारी सुविधाएं मिलेंगी। श्रमिकों को रहने के लिए आवास भी मिलेंगे। कई सालों से उद्यमी इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है। प्रदेश सरकार को इस संबंध में आगे कदम बढ़ाते हुए बजट में टेक्सटाइल पार्क की सौगात देनी चाहिए। इससे अंतरराष्ट्रीय बायर को लुभाया जा सकेगा।
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राजीव अग्रवाल, सचिव चैंबर ऑफ कॉमर्स


उद्यमियों को सस्ती जमीन चाहिए : सचदेवा
उद्योग लगाने के लिए जमीन चाहिए और यहां पर इसके दाम बहुत ज्यादा हैं। सरकार को ऐसी पॉलिसी लेकर आनी चाहिए। इससे पानीपत में निवेश भी बढ़ेगा। इन हालात में उद्यमी उद्योगों को स्थापित करने के लिए भूमि नहीं खरीद पाते। जैसे अभी रिफाइनरी के पास जो प्लॉट की बोली हुई है, वह बहुत महंगी रही थी। सरकार को जमीन के दाम कम करने चाहिए।

- प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन





एसटीपी का पानी शहर की बड़ी जरूरत : खंडेलवाल

सरकार तीन करोड़ लीटर पानी को एसटीपी में पहले शोधित करती है फिर उसे नालों में छोड़ती है। इस प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। उद्यमी इसी पानी को इस्तेमाल के लिए मांग रहे हैं। अगर यह पानी हमें मिलेगा तो भूजल का दोहन भी कम होगा। पानी का सही इस्तेमाल भी हो सकेगा।
विनोद खंडेलवाल, चेयरमैन प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स




सरकार बजट में जेडएलडी की करे घोषणा : खुराना
उद्यमियों को प्रदेश सरकार से टेक्सटाइल पार्क, जेडएलडी प्रोजेक्ट के साथ साथ कॉमन बॉयलर की भी आस है। कॉमन बॉयलर लगने से एक ही बॉयलर से सभी उद्योगों को स्टीम मिलेगी। इस काम से शहर में प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। सरकार से मांग है कि बजट में कॉमन बॉयलर की मांग को पूरा करें।
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-राजेंद्र खुराना, कोषाध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स
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