बिंझौल के तीन मासूम वंश, अरुण और लक्ष्य की हत्या का मामला पुलिस की बर्बरता की वजह से हाईफ्रोइल बन गया है। ग्रामीणों पर किए गए लाठीचार्ज को गृहमंत्री अनिल विज ने संज्ञान में लिया। पहले एसपी पानीपत मनीषा चौधरी से दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट तलब की और इसके बाद लाठीचार्ज की नौबत आने के कारणों की जांच के साथ ही मासूमों की हत्या की जांच भी एसपी करनाल सुरेंद्र सिंह भौरिया को सौंप दी। इसके साथ ही एसपी करनाल से दो दिन में रिपोर्ट तलब की जाएगी। इस मामले की जांच के लिए एसपी करनाल ने एसआईटी गठित कर दी है।
एसपी ही करेंगे एसआइटी का नेतृत्व, डीएसपी समेत दो प्रभारियों को जोड़ा-
करनाल एसपी को केस मिलते ही उन्होंने एक एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने डीएसपी जगदीप दूहन, महिला थाना प्रभारी सविता, मधुबन थाना प्रभारी तरसेन और पूरी साइबर सेल की टीम को एसआइटी में शामिल किया है। इस एसआईटी का नेतृत्व एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया स्वयं करेंगे।
ग्रामीण बोले, इंसाफ मांगा था लाठी नहीं
ग्रामीणों ने कहा कि निहत्थों पर लाठियां बरसा कर अत्याचार किया गया है। वह इंसाफ मांगने के लिए लघु सचिवालय के सामने धरना देने के लिए गए थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें धरनास्थल से पहले ही रोक लिया और उन्हें हंगामा करने पर उकसाया। उनके प्रदर्शन की अगुआई कर रहे गण्यमान्य लोगों को पुलिस ने उठाया, जब विरोध किया तो लाठियों से मारा। पुलिस पर कार्रवाई के दौरान भद्दी गालियां देने का आरोप भी महिलाओं ने लगाया। शरीर पर लगी चोटों के कारण कई बुजुर्ग महिलाएं चारपाई से नीचे भी नहीं उतर पा रहीं थीं।
महिलाओं को डंडे मारकर किया अपराध : सावित्री, ग्रामीण
मृतक लक्ष्य के परिवार से सावित्री ने बताया कि लघु सचिवालय के सामने वह परिवार के साथ धरनास्थल की ओर बढ़ रही थी। अचानक पुलिस ने वॉटर केनन से पानी की बौछार की तो उसे दिखाई देना बंद हो गया। वह बाइक के पास खड़ी हुई तो तीन पुलिस के जवानो ने मिलकर उसपर लाठियां बरसाईं। जब महिला पुलिसकर्मी मौके पर थी तो पुलिसकर्मियों को महिलाओं पर हाथ उठाने की क्या जरूरत थी, उन्होंने खुद कानून को तोड़ा है।
बच्चे हो या बुजुर्ग किसी को नहीं बख्शा : रोशनी, ग्रामीण
ग्रामीण रोशनी ने बताया कि वह भी प्रदर्शन में शामिल थी। जिस पर भी पुरुष पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया। वहीं उसकी 70 साल की बूढ़ी मां राजकली तक को नहीं बख्शा। उसकी भी टांग में लाठी मारी। अभी तक मां राजकली चारपाई से भी नहीं उठा जा रहा।
बुढ़िया तू एक लठ में यहीं मर जाएगी कहकर घसीटा: धरमो देवी, ग्रामीण
मृतक लक्ष्य की बुआ धरमो देवी ने कहा कि जब उसके बेटे बिजेंद्र पर चार पुलिसकर्मी एक साथ लाठियां मार रहे थे, उसने कहा कि वह बिजेंद्र की मां है, इतना कहते ही पुलिसकर्मी ने कहा कि बुढ़िय़ा तू एक लठ में यही मर जाएगी, पीछे हट जा, लेकिन वह बेटे के उपर गिरकर उसे बचाने लगी, पुलिस ने उसे घसीट कर साइड कर दिया और बेटे को पीटा।
दलित लोगों को न्याय आसानी से नहीं मिलता : राजकुमार सैनी
पूर्व सांसद राजकुमार सैनी शुक्रवार को बिंझौल गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मिले। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। जब भी कोई दलित या पिछड़ा वर्ग न्याय न मिलने पर सड़क पर आता है तो उस पर इसी प्रकार से लाठी बरसाई जाती है। उन्होंने कहा की सरकार के नुमाइंदों ने गरीब लोगों पर लाठियां बरसा कर बहुत ही गलत किया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए व ग्रामीणों पर दर्ज किए गए मुकदमे को रद्द किया जाए।
लाठीचार्ज के बाद पुलिस चौकी से ग्रामीण को लेे गई, अभी तक पता नहीं
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस का कहर लाठीचार्ज करने तक नहीं रुका, वहीं वह शाम को दोबारा गाड़िया लेकर गए और बेकसूर लोगों को उठाकर ले आए। गांव निवासी पृथी सिंह ने बताया कि उसका भाई रमेश गांव के मोड़ पर खड़ा था। उसे पुलिस उठाकर ले गई उसका भी तक कोई सुराग नहीं लगा। कई बार फोन किया उसका मोबाइल नंबर भी बंद है ।
पांच सदस्य कमेटी सीएम से मिलेगी
ग्रामीणों ने बताया गया कि भाजपा नेता उमेद कश्यप के माध्यम से ग्रामीणों की बात प्रदेश के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से हुई और अब वह पांच सदस्यीय कमेटी सीएम से मिलेगी। जिसमें मुख्य रुप से मांग की जाएगी कि पूरे मामले की न्यायिक जांच हो। हत्यारोपियों व पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए। जिन्होंने निहत्थे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज किया ।
बोले गृहमंत्री अनिल विज
मैने समाचार पत्र में सुबह पढ़ा था, उसी समय उन्होंने पानीपत एसपी को वायरलेस मैसेज कराया था। कहा था कि 12 बजे तक मुझे पूरी घटना की पूरी रिपोर्ट मुझे भेजो। रिपोर्ट मुझे मिल गई है। जिसके बाद एसपी करनाल को दो दिन के अंदर इसकी गहराई से जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है। जो दोषी होंगे गिरफ्तारी होगी।
करनाल पुलिस को जांच सौंपने की वजह
1. 24 दिन बीत जाने के बावजूद पानीपत पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की
2. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला का इस मामले में किया ट्वीट
3. कार्रवाई नहीं होने पर इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप कार्रवाई नहीं होने पर की थी इस्तीफा देने की घोषणा
4. सांसद संजय भाटिया, विधायक महिपाल ढांडा और जजपा नेता देवेंद्र कादियान के आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
5. सील होने के बावजूद ब्लीच हाउस का दोबारा खुल जाने पर प्रशासन उठ रहे थे सवाल
वर्जन
गृहमंत्री अनिल विज ने उन्हें लक्ष्य, अरुण व वंश के हत्याकांड की जांच सौंपी है, जिस मामले में उन्होंने एक एसआइटी का गठन किया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी। वह दो दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट मंत्री को सौंप देंगे।
- सुरेंद्र सिंह भौरिया, करनाल एसपी
वर्जन
एसपी करनाल को जांच सौंपी है। एसपी को दो दिन के अंदर लाठीचार्ज की पूरी जांच कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए है। जांच में जो भी दोषी होगा उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
- अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा।