पानीपत। ऐसे गुरु बिरले ही होते हैं जिनके नाम से पानीपत हॉकी के लिए जाना जाता है। आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल में सभी बच्चों के अभिभावकों ने मिलकर धर्मेंद्र कोच का सम्मान किया। अभिभावकों ने बताया कि नॉर्थ जोन सीबीएसई हॉकी टूर्नामेंट भोपाल में अंडर-14 में लड़कियों ने स्वर्ण पदक जीतकर पानीपत का नाम रोशन किया। अब एसजीएफआई स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया में आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल की टीम ने क्वालीफाई किया है जो अब खेलने के लिए जाएगी।
यह कोच जो बिल्कुल निस्वार्थ भाव से बिना फीस लिए दिन-रात मेहनत करके बच्चों को सुबह 6:00 बजे मैदान में बुलाते हैं और फिर कक्षा लगाते हैं। उसके बाद शाम को फिर 3 से 7 बजे तक मेहनत करवाते हैं।
ऐसी शख्सियत को अपने जीवन में हमने नहीं देखा। वे पहले आर्मी में हॉकी की काबिलियत कोच के पद पर तैनात थे। 18 साल आर्मी में सर्विस करने के बाद 2019 से आर्य गर्ल्स पब्लिक स्कूल में बतौर हॉकी कोच पर अपना कार्य ग्रहण किया।
तब से आज तक पीछे मुड़कर नहीं देखा। इनके स्कूल में आने से पहली बार 2019 में राज्य खेलों में प्रथम पदक पानीपत में आया था। उसके बाद पदकों की छड़ी लगी हुई है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि 15 लड़कियां एक ही स्कूल से एसजीएफआई में खेलने के लिए जाएंगी तो इसका सारा श्रेय धर्मेंद्र कोच को दिया जाता है।
वहीं, धर्मेंद्र कोच का यह सपना है कि एक दिन आर्य गर्ल्स स्कूल की लड़कियां इंडिया हॉकी टीम में खेलेंगी। इसी सपने के साथ दिन रात मेहनत करते हैं और करते रहेंगे।