माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। रक्षाबंधन पर रोडवेज के सारे दावे खोखले साबित हुए। तेज बारिश के बावजूद भाइयों को राखी बांधने के लिए निकलीं बहनों को बस नहीं मिल पाई। डिपो में ही एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। वहीं बसों में सीट मिलना तो दूर चढ़ने की भी जगह नहीं मिली। उनको धक्का-मुक्की के बीच बसों में चढ़ना पड़ा।
रोडवेज ने रक्षाबंधन पर 134 में से 99 बसों को लोकल रूटों पर चलाने का दावा किया। जबकि जिले के 10 रूटों पर बस चली ही नहीं। ऐसे में बहनों को निजी वाहनों का सहारा लेकर जाना पड़ा। वहीं ट्रेनों में सामान्य दिनों की अपेक्षा करीब 15 हजार से अधिक यात्रियों ने सफर किया। रक्षाबंधन पर दो स्पेशल ट्रेन चलाने के बाद भी ट्रेनों में भारी भीड़ रही। ऐसे में एक से दो मिनट का ठहराव अतिरिक्त रखा गया। जिसके चलते ट्रेन काफी देरी से पहुंची।
रक्षाबंधन पर बहनों ने शनिवार सुबह ही भाइयों के पास पहुंचना शुरू कर दिया। पानीपत डिपो पर सुबह सात बजे बहनों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। इसके बाद बारिश के बीच दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़नी शुरू हो गई। भाइयों को बांधी राखी पेज-2
बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
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बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद