पानीपत थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट नंबर आठ के कूलिंग टावर के पास दोपहर सरकंडों में आग लग गई। कुछ ही देर मे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आवासीय कॉलोनी तक चल पड़ी। सरकंडों में आग लगने का कारण एक ठेकेदार द्वारा नजदीक ही कूड़े में आग लगाना बताया जा रहा है। थर्मल में लगी आग से चारों तरफ हड़कंप मच गया।
थर्मल की फायर ब्रिगेड ने जिले की फायर ब्रिगेड की मदद से कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान अधिकारियों की सांसे फूली रहीं। थर्मल के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच बैठा दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई करने का दावा किया है।
मतलौडा के छिछड़ाना गांव में गेहूं के फांसों में लगी आग में सींक निवासी मां-बेटा के जिंदा जलने की आग अभी तक ठंडी नहीं हुई थी कि थर्मल पावर स्टेशन की यूनिट नंबर आठ के कूलिंग टावर के पास सरकंडों में आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही थर्मल पावर स्टेशन स्थित दमकल विभाग की दो गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार आगे बढ़ती चली गई। सरकंडों में आगे के लगातार आगे बढ़ने से थर्मल अधिकारियों की सांसे फूल गई और प्रशासन से मदद मांगी।
इसके बाद पानीपत से दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची। आग इतनी भयंकर थी कि आवासीय कॉलोनी और दूसरे सेक्टर की तरफ लगातार बढ़ती जा रही थी। पानीपत और थर्मल पावर स्टेशन की दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
यूनिट नंबर आठ को होता सबसे ज्यादा नुकसान
बताया जा रहा है कि थर्मल के सरकंडों में लगी आग पर जल्द ही काबू नहीं पाया जाता, तो कूलिंग टावर के पास ही रबड़ केबल में आग लग सकती थी। इसको जमीन में दबाया रखा है। रबड़ पाइप में आग लनेे से करोड़ों का नुकसान हो सकता था। वहीं यूनिट भी ट्रिप हो सकती थी। थर्मल की आवासीय कॉलोनी में आग पहुंचने पर जान और माल का भी नुकसान हो सकता था।
ठेकेदार की अनदेखी पड़ती भारी
बताया गया कि सफाई ठेकेदार ने कूड़ा उठवाने की बजाय उसको दीवार के पास डलवाकर आग लगावा दी। इसके कारण आग अंदर जाकर सरकंडों में लग गई और पूरे परिसर मे फैल गई। कर्मचारी यूनियन प्रधान रणबीर सिंह ने बताया कि अगर फायर ब्रिगेड आग पर तुरंत काबू नहीं पाती, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
मैं विभागीय कार्य के चलते पंचकूला में हूं। मेरे पास थर्मल प्लांट में आग लगने की कोई सूचना नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होगी और लापरवाही मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
सतीश वधवा, चीफ इंजीनियर ऑपरेशन-टू, थर्मल पावर प्लांट पानीपत।