पानीपत। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर गर्मी ने अपना रंग दिखा दिया। करीब 11 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली गर्म हवाओं में दिन में बाहर निकल पाना भी मुश्किल हो गया।
इसके साथ न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री बढ़ गया है। ऐसे में अब शाम को भी गर्मी से राहत नहीं है। इसके साथ निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला नागरिक अस्पताल की बुधवार को छुट्टी के चलते ओपीडी बंद होने से प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों ने अगले कई दिन न्यूनतम तापमान बढ़ने का अनुमान जताया है।
बुधवार को सूरज की पहली किरण के साथ ही गर्मी ने अपना अहसास करा दिया। दिन चढ़ने के साथ गर्मी भी बढ़ने लगी। सुबह 10 बजे ही लोगों ने अपने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना शुरू कर दिया। बुधवार को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री दर्ज किया। हालांकि अधिकतम तापमान मंगलवार से करीब दो डिग्री कम आका गया लेकिन तेज धूप के चलते इसका अहसास नहीं हो पाया।
न्यूनतम तापमान बढ़ने पर लोगों को रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिली। इसके चलते दोपहर के समय सड़कों पर बहुत कम लोग ही बाहर निकले। बाजारों में दिन के समय ग्राहक कम नजर आए। सुबह व देर शाम को ही लोग खरीदारी करते हैं। दुकानदार भी दिनभर ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहते हैं। इंसार बाजार के दुकानदार गौरव लिक्खा ने बताया कि गर्मी अधिक होने पर लोग बहुत कम बाहर निकलते हैं। इससे बाजार मंदा हो गया है। गर्मी में दुकान का खर्च निकाल पाना भी मुश्किल हो गया है।
अस्पतालों में बढ़े मरीज ः गर्मी बढ़ने के साथ डिहाइड्रेशन, उल्टी और दस्त के मरीज बढ़ गए हैं। बुधवार को संत कबीर जयंती की छुट्टी के चलते छुट्टी थी। जिस कारण जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी बंद रही। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लिया। मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में ओपीडी की फीस देने के साथ बाहर से भी दवा लेनी पड़ी। गीता कॉलोनी के राजेश ने बताया कि वह बुधवार जिला नागरिक अस्पताल में दवा लेने आया था। यहां ओपीडी बंद मिली। ऐसे में उसको निजी अस्पताल में जाना पड़ा।