अहर (इसराना)। प्रदेश व देश में शिक्षा व खेलों में बड़े अधिकारी और खिलाड़ी देने वाले अहर गांव में साफ-सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीणों ने गांव के बीच स्वास्थ्य विभाग के प्लॉट को डंपिंग जोन बना दिया है। करीब एकड़ के प्लॉट में कूड़े का ढेर लगा हुआ है। बारिश के दिनों में प्लॉट के नजदीक से निकल पाना भी मुश्किल हो जाता है। वहीं गांव में अन्य जगह खाली प्लॉट व मुख्य सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।
ग्रामीण देवेंद्र सैन ने बताया कि अहर गांव में धार्मिक केंद्र आस्था के विशेष केंद्र हैं। बाबा कुंडीनाथ गांव में तपस्या की थी। इसके बाद गांव में ओलावृष्टि या टीढीदल से कोई नुकसान नहीं हुआ। बाबा कुंडीदास की तरह परढ़ाना गांव में बाबा गंगादास ने तपस्या की थी। गांव मां देवी की भी पूजा की जाती है। यहां वार्षिक भंडारा लगाया जाता है। गांव में किसी पशु या व्यक्ति को आश्रम की कुंडी से जल का छींटा लगाने पर नजर का प्रभाव खत्म हो जाता है।
बाबा ह्रदयनाथ मंदिर, शिरड़ी मंदिर और गुरु ब्रह्मानंद का आश्रम है। दादा खेड़ा और शीतला माता का मंदिर है। बेलन बाबा और हनुमान मंदिर में लोगों की विशेष आस्था है। दादा खेड़ा पर खिलाड़ी अपनी ट्राफी चढ़ाते हैं। माया नाथ डेरा पर लोगों की विशेष आस्था है। यहां डेरा बनने के बाद अब सड़क हादसे नहीं हो रहे।
ओमप्रकाश ने बताया कि गांव में कूड़ा उठान की कोई खास व्यवस्था नहीं है। ऐसे में ग्रामीण खाली प्लॉट या सड़क किनारे कूड़ा डालने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत या पंचायत विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदीप पंडित ने बताया कि गांव में कई धार्मिक स्थल हैं, लेकिन साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण अपने घरों के बाहर गली में खुद झाडू लगाते हैं। पंचायत को इस तरह के कार्यों में आगे आना चाहिए। बारिश के दिनों में कूड़ा कर्कट के चलते लाेगों का निकल पाना मुश्किल हो जाता है।
पंच प्रवीण मास्टर ने बताया कि गांव के तालाबों पर कब्जा कर लिया गया है। ऐसे में दूषित पानी निकासी के भी प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों को बारिश के दिनों में समस्या का सामना करना पड़ता है। तालाब के साथ लगती गलियों में पानी जमा हो जाता है। ग्राम पंचायत का पानी निकासी की तरफ ध्यान नहीं है।
मोनू प्रजापत ने बताया कि गांव की बिजली समस्या गंभीर है। गांव में पावर हाउस होने के बाद भी पूरी बिजली नहीं मिल पाती। किसी भी समय बिजली कट लग जाता है। इससे दैनिक कार्य भी बाधित हो जाते हैं। बिजली न आने पर अंधेरे में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अहर गांव के बीचोंबीच स्वास्थ्य की जमीन में लगा कूड़े का ढेर। संवाद
अहर गांव के बीचोंबीच स्वास्थ्य की जमीन में लगा कूड़े का ढेर। संवाद
अहर गांव के बीचोंबीच स्वास्थ्य की जमीन में लगा कूड़े का ढेर। संवाद
अहर गांव के बीचोंबीच स्वास्थ्य की जमीन में लगा कूड़े का ढेर। संवाद