पानीपत में योगा करने वाले खिलाड़ियों की एक ही मांग है कि पानीपत में योगा का कोचिंग सेंटर होना चाहिए। जिसके बिना उन्हें कभी किसी तो कभी किसी पार्क में प्रशिक्षण कर रहे है। पानीपत जिले की ही एक खिलाड़ी कोचिंग सेंटर के आभाव में प्रशिक्षण कर आगे बढ़ी और ओपन लेवल पर इंटरनेशनल में अंडर 15 में गोल्ड हासिल किया। 13 साल की आयु में योग की शुरूआत की और अभी तक 10 से अधिक मेडल हासिल कर चुकी है।
हम बात कर रहे सफीदों गांव की रहने वाले वरिता की। वह अभी एसडी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उनके पिता थर्मल प्लांट में कार्यरत है, वहीं उनकी माता गृहणी है। उन्होंन बताया कि 13 साल की आयु में योग में कदम रखा था। उस समय घर की तरफ एक आर्य समाज का एक कार्यालय होता था, जिसमें जाकर वह योग के बारे में सिखती व अभ्यास करती थी। उनका कार्यालय एक से दो साल में कार्यालय बंद हो गया, जिसके कारण उनका योग छोडने का मन हुआ। उनके माता पिता ने उनका सहयोग किया व उनका हौसला बढ़ाया। माता पिता का आदेश लेकर आगे बढ़ी व अपना प्रशिक्षण नहीं छोड़ा। कड़ी परिश्रम के बाद 2015 में उनको पहली कामयाबी मिली। खुद से प्रशिक्षण कर रही वरिता को किसी भी प्रशिक्षक ने कोचिंग तक नहीं दी। अपने बलबूते पर 10 से 15 गोल्ड जीत चुकी है।
पानीपत में कोचिंग सेंटर खुलने व प्रशिक्षक की मांग
वरिता ने बताया कि मेरे जैसे न जाने कितने योग के खिलाड़ी खुद से प्रशिक्षण कर रहे है। उनको सही दिशा देने वाला पानीपत में कोई भी प्रशिक्षक नहीं है। इसलिए कोई किसी पार्क तो कोई किसी पार्क में प्रशिक्षण कर रहे है। उन्होंने आयुष विभाग व सीएम मनोहर लाल से मांग की है कि पानीपत में जल्द सेंटर खोले।
आईएएस बनने और योग में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का लक्ष्य
वरिता ने बताया कि वह बड़ी होकर आईएएस बनना चाहती है। उनका कहना है कि वह अपने देश की सेवा करना चाहती हूं। इसके साथ ही उनका दूसरा लक्ष्य है कि वह योग में वर्ल्ड रिकार्ड बना अपने देश का नाम रोशन करू। इस लक्ष्य में उनके परिवार व अन्य प्रशिक्षकों का सपोर्ट है।