संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। चिकित्सकों, नर्सिंग ऑफिसर व अन्य कर्मचारियों ने जियो फेसिंग हाजिरी के विरोध में सोमवार को पैन डाउन हड़ताल कर स्वास्थ्य सेवाओं को एक घंटे तक बंद रखा।
इस दौरान जिला नागरिक अस्पताल, समालखा अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी और किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज नहीं किया। केवल आपातकाल विभाग में मरीजों का इलाज किया। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुलने पर डेढ़ गुना अधिक मरीज पहुंच गए और एक घंटे तक इलाज न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी से करीब 200 मरीज बिना इलाज कराए लौट गए। वहीं चिकित्सकों के बाहर रहने से दवा के स्टोर पर दोपहर दो बजे तक लंबी लाइन लगी रही। यूनियन ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। चिकित्सकों व कर्मचारियों ने सीएमओ डॉ. विजय मलिक को मांगपत्र सौंपा। उन्होंने सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। तालमेल कमेटी 10 अगस्त को फिर बैठक कर आगामी फैसला लेगी।
सुबह शुरू की हड़ताल : स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व दूसरे कर्मचारियों ने सोमवार सुबह 10 बजे पैन डाउन हड़ताल शुरू की। यह एक घंटे तक चली। चिकित्सकों ने ओपीडी ब्लाक बाहर बैठक कर सरकार के फैसले का विरोध किया। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने कहा कि स्वास्थ्य तालमेल कमेटी व राज्य एमपीएचओ एसोसिएशन के आह्वान पर जिला स्तर पर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर एक घंटा काम रोककर जियो फेसिंग हाजिरी प्रणाली का विरोध किया।
यूनियन अपना मांगपत्र सरकार को सौंप चुकी है। उन्होंने कहा कि जीरो फेसिंग हाजिरी किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होंगी। इस मौके पर नर्सिंग ऑफिसर सुमन, दंत चिकित्सक डॉ. केतन भारद्वाज, डाॅ. अमित मलिक, रेडियोग्राफर् एसोसिएशन से कृष्ण राणा मौजूद रहे।