माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। एडीजे पीयूष शर्मा की फास्ट ट्रक कोर्ट ने तीन साल पहले 10वीं की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 10 साल की कैद और 61 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना जमा न करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं। अभियोजन पक्ष ने बताया कि सितंबर 2022 में इसराना थाने में एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना था कि उसकी 17 साल की बेटी कक्षा 10वी की छात्रा है और वह घर से स्कूल के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी।
परिजनों ने कुराना गांव के अमित पर आरोप लगाए थे। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी थी। अगले दिन पुलिस ने छात्रा को सोनीपत जिले के सोहटी गांव के खेतों में बने एक बाड़े से बरामद किया था। छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया था जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाकर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई एडीजे पीयूष गुप्ता की फास्ट ट्रक कोर्ट (पॉक्सो एक्ट) की अदालत में हुई। गवाहों की गवाही और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी पीयूष को दोषी करा दिया। सोमवार को अदालत ने आरोपी को 10 साल की कैद की सजा सुनाई है।