पानीपत। नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी 20 दिन से हड़ताल पर हैं। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल एनएचएम संघ ने 16 अगस्त तक हड़ताल पर रहने की एलान किया है। बुधवार को एनएचएम कर्मचारी संघ का दल अपनी मांगों का ज्ञापन देने के लिए पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा के आवास पर पहुंचा। एनएचएम कर्मचारियों ने मंत्री महिपाल ढांडा की अनुपस्थिति में उनके बड़े भाई हरपाल ढांडा को ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने उनके साथ सरकार पर उनके साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।
19 दिन से जारी हड़ताल के कारण स्वास्थ्य केंद्रों से रेफरल बढ़ रहा है। सिविल सर्जन को स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। लैब में डॉक्टरों को खुद सैंपल की जांच करनी पड़ रही है। खुद ही अपनी रिपोर्ट तैयार करनी पड़ रही है। सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेफरल सेंटर बन गए हैं। एसएनसीयू वार्ड से पिछले 20 दिन में यहां से 21 नवजातों को रेफर किया जा चुका है। फिलहाल यहां 12 नवजात दाखिल हैं। जिला नागरिक अस्पताल, पीएचसी व सीएचसी से 420 से अधिक मरीज रेफर हो चुके हैं। डिलीवरी की दर भी 20 प्रतिशत तक कम हुई है। 20 दिन में जिला नागरिक अस्पताल में लगभग 400 डिलीवरी हुई हैं।
एनएचएम कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल के ओपीडी गेट पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन व नारेबाजी की। एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि सरकार का उनके प्रति रुख सही नहीं है। हड़ताल से लोगों को परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए
यह सेवाएं भी प्रभावित-
- एंटी लार्वा एक्टिविटी ।
- नियमित टीकाकरण कार्यक्रम ।
- एंबुलेंस सेवाएं।
- पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम।
- निरोगी हरियाणा कार्यक्रम।
- डिलीवरी। ।