पानीपत। निमोनिया से हो रही मौत के आंकड़ों पर कंट्रोल करने व बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पतास्से सांस अभियान की शुरुआत की है। इसके लिए शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम ब्रहमप्रकाश व सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा मुख्यातिथि रहे।
बाल रोग विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में लोगों को निमोनिया की गहनता से जानकारी दी। लोगों को निमोनिया से बचाव के बारे में भी बताया गया। बच्चों की जांच के लिए शुक्रवार से टीमें फील्ड में उतर गई हैं। यह अभियान आज से 28 फरवरी तक चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी और आशा घर- घर जाकर सर्दी, खांसी से पीड़ित बच्चों की जांच करेगी। साथ ही बच्चों के मां-पिता को स्वास्थ्य संबंधित परामर्श देगी। जांच के दौरान संदिग्ध निमोनिया के बाल रोगियों को जिला नागरिक अस्पताल रेफर किया गया जाएगा। एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं को निमोनिया की पहचान के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग ने बताया कि पांच वर्ष तक के बच्चों में निमोनिया का खतरा रहता है। सर्दियों में निमोनिया की ओपीडी भी बढ़ जाती है। निमोनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीसीवी टीकाकरण किया जा रहा है। निमोनिया रोधक पीसीवी वैक्सीन की पहली डोज डेढ़ माह पर, दूसरी डोज साढ़े तीन माह पर और बूस्टर डोज नौ माह पर लगाया जाता है। इस अभियान में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पीसीवी टीकाकरण से छूटे बच्चों की सूची तैयार करती है और उनका टीकाकरण किया जाता है। पांच वर्ष तक के बच्चों के अभिभावक सर्दी के मौसम में अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखे। निमोनिया रोधक पीसीवी टीकाकरण करवाएं और निमोनिया के लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। कार्यक्रम में उप सिविल सर्जन डॉ. बिजेंद्र हुड्डा, डॉ. भावना, डॉ. निहारिका, डॉ. केतन भारद्वाज व डॉ. वीरेंद्र ढांडा उपस्थित रहे।