पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने लगभग छह साल पुराने मामले में मादक पदार्थ तस्कर को दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त जेल काटनी होनी होगी। अदालत ने आठ गवाहों व एफएसएल की रिपोर्ट के आधार पर अपना फैसला सुनाया है।
जिला न्यायवादी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि सीआईए वन में तैनात सब इंस्पेक्टर रकम सिंह ने 28 दिसंबर 2018 को चांदनी बाग थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि वह अपनी टीम के साथ उझा मोड़, सेक्टर 24 में तैनात था। उसने उझा गांव की ओर एक युवक आते दिखाई दिया। उसके हाथ में काले रंग की पॉलिथिन थी। वह युवक पास आते ही उन्हें देखकर वापस मुड़कर चलने लगा। उन्होंने शक के आधार पर उसके पकड़ा और हिरासत में लिया। उसकी पहचान सोनीपत के बुसाना गांव निवासी वीरेंद्र उर्फ बबला के रूप में हुई। पॉलिथिन की तलाशी लेने पर उसमें 1.050 किलोग्राम चरस मिली। पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र से चरस बरामद कर उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। लगभग छह साल चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को अदालत ने उसे 10 साल की सजा सुनाई।