यमुनानगर। जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही मच्छरों का खतरा बढ़ने लगा है। संभावित डेंगू व मलेरिया के मामलों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में रैपिड फीवर सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के दौरान स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी एकत्र कर रही हैं और संदिग्ध मरीजों के सैंपल भी लिए जा रहे हैं। साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल जिले में डेंगू और मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर पहले ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पिछले वर्ष जिले में डेंगू के 103 और मलेरिया के तीन मामले सामने आए थे। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार गर्मी की शुरुआत से ही निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सर्वे के दौरान उन क्षेत्रों की पहचान भी शुरू कर दी है जहां पिछले वर्षों में डेंगू के अधिक मामले सामने आए थे। इन स्थानों को हाई रिस्क एरिया की सूची में रखा जा रहा है ताकि वहां विशेष निगरानी और रोकथाम के उपाय किए जा सकें। ग्रामीण क्षेत्रों में गंदापुरा, ऊंचा चंदना, कान्हड़ी कलां, अहलुवाला, ज्ञानेवाला, फतेहपुर, जमनावाला, रायपुर, शादीपुर, कामी माजरा, तेजली और रापौली गांवों को हाई रिस्क एरिया में शामिल किया गया है। इन गांवों में पिछले साल डेंगू के कुल 104 मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग इन क्षेत्रों में नियमित सर्वे, फॉगिंग और लोगों को जागरूक करने का काम करेगा।
वहीं शहर के सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी, लालद्वारा, कालिंदी कॉलोनी, सेक्टर-18, काली मंदिर क्षेत्र, गुलाब नगर, तीर्थ नगर, चिट्टा मंदिर, रेलवे कॉलोनी, आईटीआई के आसपास का क्षेत्र, लक्ष्मी नगर, पुराना हमीदा, केसर नगर और अशोक विहार को भी हाई रिस्क एरिया की सूची में रखा गया है। इन इलाकों में पिछले वर्ष डेंगू के 86 केस सामने आए थे।
मच्छरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जिले के 507 तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ेगा। यह मछली मच्छरों के लार्वा को खा जाती है, जिससे मच्छरों की संख्या कम करने में मदद मिलती है। विभाग का मानना है कि यह तरीका प्राकृतिक और प्रभावी है।
जिले में पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 और 2023 में डेंगू के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। वर्ष 2022 में डेंगू के 932 और 2023 में 735 मामले सामने आए थे। हालांकि इसके बाद मामलों में कमी आई। वर्ष 2024 में 189 और 2025 में 103 डेंगू के केस दर्ज किए गए। वहीं मलेरिया के मामले पिछले कुछ वर्षों में काफी कम रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुशीला सैनी ने लोगों से भी अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और कूलर, टंकियों तथा गमलों में जमा पानी को समय-समय पर साफ करते रहें। यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, सिरदर्द या बदन दर्द की शिकायत हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं, ताकि समय रहते उपचार किया जा सके।