- बस और ट्रेन में सवार होने के लिए मारामारी, पैर रखने तक की नहीं मिली जगह
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। त्योहारों पर घर पहुंचने के लिए यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। स्टेशन पर आम दिनों से 10 गुना अधिक यात्री नजर आए। प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेनों के अंदर तक पैर रखने की जगह नहीं थी। जैसे ही ट्रेन आई यात्री एक-दूसरे को पछाड़ कर ट्रेन में चढ़ने के लिए जूझते रहे। कई यात्रियों को अंदर जाने का मौका तक नहीं मिला। कई यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर खिड़की से लटक कर यात्रा की। यही हाल रोडवेज बस स्टैंड का भी नजर आया। यात्रियों को सफर करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
पानीपत में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर काम करते हैं। जो दीपावली और छठ पूजा के लिए अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं। दीपावली से एक दिन पहले रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ आम दिनों से 10 गुना अधिक रही। आरक्षित कोच में सीट न मिलने के कारण ज्यादातर लोगों को मजबूरन सामान्य डिब्बे में यात्रा करनी पड़ी। इसके लिए सुबह से वह रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। कुछ ट्रेन चार से पांच घंटे की देरी से आने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
यात्री लोकेश, रामप्रकाश और परमिंद्र ने बताया कि वह सुबह ट्रेन के निर्धारित समय से पहले स्टेशन पर पहुंच गए थे लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी ट्रेन स्टेशन पर नहीं पहुंची। जिससे उन्हें परेशानी हुई। उन्होंने समस्या के निस्तारण के लिए रेलवे प्रशासन को जल्द समस्या को दुरुस्त करने की बात कही।
बसों में नहीं मिली सीट
स्टेशन के बाद बसों का भी यही हाल नजर आया। परिवहन निगम ने त्योहार से पहले रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाई थी। लंबे रूट पर यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसें निर्धारित करने के दावे किए थे। वहीं छोटे रूट पर बसों के फेरे बढ़ाए गए थे। लेकिन दीपावली से पहले निगम के दावे फेल साबित हो गए। बसों में यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों में भी यात्रियों को बैठने के लिए सीट तक नहीं मिली।
वर्जन :
दिवाली पर त्योहार मनाने के लिए यात्री बड़ी संख्या में अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं जिससे ट्रेन में यात्रियों को सीट नहीं मिल रही है। साथ ही आरक्षण सीटों की भी कई महीनों की वेटिंग चल रही है। ट्रेन ट्रैक पर चल रहे मरम्मत कार्य और लंबे रूट की ट्रेन की पासिंग के लिए समय पर नहीं पहुंच पा रही है।
- रमेश स्टेशन अधीक्षक
बसों में यात्रियों की संख्या में हुई बढ़ोतरी को देखते हुए रोडवेज अधिकारियों की ओर से संबंधित तैयारियों को पहले ही पूरा कर लिया गया था। यात्रियों को समय पर उनके गंतव्य स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। लोकल और लंबे रूट पर यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों को चलाया गया है।
- विक्रम कंबोज, रोडवेज डिपो महाप्रबंधक
स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की करते यात्री। संवाद
स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की करते यात्री। संवाद