समालखा। समालखा की रहने वाली नेहा ने बैंक ऑफ बडौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक समेत तीन अधिकारियों पर एक प्लॉट को फर्जी तरीके से बेचने के आरोप लगाए है। महिला का कहना है कि बैंक ने प्लॉट को अपने कब्जे में लिए बिना उन्हेें 35.10 लाख रुपये में बेच दिया। बाद में रजिस्ट्री और कब्जा देने से इंकार कर दिया। थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
समालखा के पावटी गांव की नेहा व निशा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा की एमएसएमई ब्रांच से समालखा में हथवाला रोड पर एक प्लॉट निलामी में 35.10 लाख रुपये में खरीदा था। 15.10 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दिए थे और 20 लाख रुपये निशा, नितिन मित्तल, कृष्ण मित्तल के नाम से लोन लेकर बैंक में जमा कराए थे। शाखा प्रबंधक अजितेष भारद्वाज ने जिसका विक्रय पत्र अक्टूबर 2022 को लिखा था। शाखा प्रबंधक अजितेष भारद्वाज ने हमें विक्रय पत्र देने से मना कर दिया। नवंबर 2022 को प्रबंधक ने पानीपत ब्रांच में बुलाया और कुछ कागजात पर नेहा व निशा के हस्ताक्षर करवाए थे। जिसमें विक्रय पत्र भी था। प्रबंधक ने कहा कि यह उनके लोन में लग जाएगा।
जनवरी 2023 को जब वह प्लॉट पर कब्जा लेने के लिए पहुंचे तो शाखा प्रबंधक ने तहसीलदार को बताया कि यह प्लॉट उन्होंने बेचा ही नहीं। तब हमें पता चला कि बैंक ने हमारे साथ धोखाधड़ी, जालसाजी, विश्वासघात किया है। इसकी शिकायत क्षेत्रीय प्रबंधक सतीश यादव से की तो उन्होंने भी कोई जवाब नहीं दिया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर क्षेत्रीय प्रबंधक, मुख्य शाखा प्रबंधक समेत तीन पर केस दर्ज कर लिया है।
समालखा थाना प्रभारी दीपक ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।