हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को पानीपत में प्रदेश के लिए इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस की शुरुआत की। पहले चरण में पानीपत व जगाधरी-यमुनानग में बसों को चलाया गया। बाकी सात शहरों में नए बस संस्थान बनने के बाद इसी साल के मध्य तक शुरूआत की जाएगी। परिवहन विभाग में इसको लेकर 450 बसों को शामिल किया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पानीपत के सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड में इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस को नारियल तोड़कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने बस में कुछ दूर तक सफर किया और इस बस को यात्रियों के लिए सुविधाजनक बताया। उन्होंने कहा कि ब्रेकर आने पर गाड़ी में सवारी उछल जाती है, लेकिन बस में किसी प्रकार का महसूस नहीं होता।
सीएम ने चलती बस में चाय की चुस्की भी ली। उन्होंने कहा कि लोगों को प्रदूषण मुक्त प्रदेश बनाने के लिए निजी वाहनों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन को अपनाना चाहिए। उन्होंने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सिटी बस को एक सप्ताह के लिए निशुल्क चलाने की घोषणा की।
उन्होंने इससे पहले बस संस्थान में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पानीपत समेत पंचकूला, अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी, यमुनानगर, करनाल, रोहतक और हिसार शहर में इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस चलाई जाएंगी। पहले चरण में पानीपत व यमुनानगर में ई-चार्जिंग प्वाइंट बनने के साथ इस सेवा को शुरू किया गया है। बाकी संस्थानों में इसको लेकर मिर्माण चल रहा है।
इस साल के मध्य तक इन शहरों में बसों को चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यहां कांग्रेस का नाम लिए बिना हमला बोला और कहा कि पहले की सरकारों में बस संस्थान निर्माण कार्य में बड़ा भ्रष्टाचार किया जाता था। उन्होंने अपनी सरकार बनते ही झज्जर में पहले बस संस्थान का उद्घाटन किया था। इसमें अनुमानित लागत पर पांच से छह करोड़ रुपये की बचत की थी।
भाजपा ने प्रदेश से तीन-सी को खत्म कर दिया है। प्रदेश की जनता चौथी सी को खुद खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बसों के लिए निविदा के लिए सीईएसएल (कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक इकाई) को अपना सलाहकार नियुक्त किया है।
बसों के 12 वर्ष के अनुबंध पर 2450 करोड़ आएगी लागत
सीईएसएल द्वारा राष्ट्रीय ई-बस योजना के तहत किए गए एक वैश्विक टेंडर के बाद 12 मीटर की 375 बसों के लिए ऑर्डर दिया था। जिनका उपयोग इन परिचालनों के लिए किया जाएगा। 450 बसें खरीदी जाएंगी। ये सबसे आधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें हैं। जिन्हें मेसर्स जेबीएम इकोलाइफ मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड से सकल अनुबंध लागत मॉडल पर 12 वर्ष के लिए खरीदा गया है। इस मॉडल के तहत बस के ड्राइवर को उपलब्ध कराना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रकचर उपलब्ध कराना विक्रेता का जिम्मा रहेगा। उक्त नौ शहरों में से पानीपत और जगाधरी (यमुनानगर) में मौजूदा डिपो को मॉडीफाई किया गया है और परिचालन शुरू किया जा रहा है। अन्य सात स्थानों पर नए डिपो का निर्माण किया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रत्येक के लिए तीन एकड़ भूमि पर यह कार्य किया जा रहा है। जहां परिचालन आगामी 30 जून तक शुरू होगा। 450 बसों के लिए 12 वर्षों में संचालन की लागत लगभग 2450 करोड़ रुपये आएगी।
एजेंसी से कराई रूट की प्लानिंग
परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि इन शहरों में रूट प्लानिंग एक विशेषज्ञ एजेंसी डीआईएमटीएस (दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड) से कराई गई है। यह एजेंसी सिटी बस सेवाओं की स्थापना और संचालन के लिए अन्य सेवाएं भी दे रही है। इन बसों में टिकटिंग इलेक्ट्रॉनिक तरीके से की जाएगी। यात्रियों की सहायता के लिए बसों में डिस्प्ले बोर्ड और पीए सिस्टम घोषणाएं होंगी। इन बसों का लाभ शहरी आबादी को ही नहीं, बल्कि जिले की ग्रामीण आबादी को भी मिलेगा। बस सेवा प्रत्येक शहर के आस-पास के गांवों में भी जाएगी। इस परियोजना को परिवहन विभाग द्वारा जुलाई 2022 से जनवरी 2024 तक 18 महीने के रिकॉर्ड समय में लागू किया गया है।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पवार, सांसद संजय भाटिया, शहरी विधायक प्रमोद विज, भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता, जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा, निदेशक राज्य परिवहन सीजी रजनी कांथन, डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, एसपी अजीत सिंह शेखावत, जीएम रोडवेज कुलदीप जांगड़ा मौजूद रहे।