पानीपत के केआर मंगलम (द मिलेनियम) स्कूल में 11वीं कक्षा की छात्रा अदिति के सवाल पर पीएम ने युवाओं को निर्णायक बनने की सलाह दी। इससे पहले अदिति ने प्रश्न पूछा कि लक्ष्य तय करने और विषय चुनने को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है। इस पर पीएम ने कहा कि अनिर्णय की स्थिति हमेशा खतरनाक साबित होती है, इसलिए युवाओं को निर्णायक होना चाहिए। लक्ष्य चयन से पहले खुद को सभी कसौटियों पर तौल लें। इसके बाद अपने मार्ग से भटकें नहीं। व्यक्ति का खुद पर भरोसा होना जरूरी है।
परीक्षा पे चर्चा के दौरान पानीपत से ऑनलाइन सवाल पूछने वाली छात्रा अदिति ने बताया कि उसने कला संकाय को अपने विषय के रूप में चुना है। इस पर लोग उसे ताने मारते हैं, जिसे लेकर उलझन की स्थिति है। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि हकीकत यह है कि आपको अपने ऊपर भरोसा नहीं है।
आपके सोचने-समझने में दुविधा है, इसलिए आप 50 लोगों को पूछते रहते हैं कि क्या करें? आप खुद को जानते नहीं हैं। इस कारण आप किसी एडवाइजर पर निर्भर रहते हो, फिर जो सलाह आपको ज्यादा सरल लगती है, आप उसी को स्वीकार कर लेते हो। मैं समझता हूं कि सबसे बुरी स्थिति कंफ्यूजन है। हमें अनिश्चितता से बचकर निर्णायक बचना चाहिए। मैं यह लेता तो अच्छा होता, वह लेता तो ज्यादा अच्छा होता, यह उलझन हमें बड़े संकट में डाल सकती है।