गीता जयंती महोत्सव पर निकाली नगर शोभा एवं पालकी यात्रा से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। इस दौरान हरे कृष्णा-हरे कृष्णा कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे, हरे रामा-हरे रामा रामा-राम हरे-हरे भजन के साथ औद्योगिक नगरी गूंज उठी।
पालकी यात्रा की अगुवाई खुद गीता मनीषी एवं महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने की। उपायुक्त समीर पाल एवं एसपी राहुल शर्मा ने पैदल चलकर यात्रा का रास्ता तैयार कराया।
यात्रा में बच्चों से लेकर बड़ों तक पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए और गीता के उपदेशों को अपने जीवन में अपनाने का फैसला लिया। यात्रा के दौरान हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर पालकी यात्रा को चार चांद लगा दिए।
वहीं शाम के वक्त आर्य पीजी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समां बांध दिया। गीता जयंती महोत्सव पर सोमवार को नगर शोभा एवं पालकी यात्रा एसडी विद्या मंदिर स्कूल सेक्टर-11 से प्रात: 11 बजे शुरू हुई।
ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी व उपायुक्त समीर पाल सरो ने पूजा कर यात्रा को रवाना किया।
इससे पहले प्राचीन श्री देवी मंदिर में श्रीगीता ग्रंथ की पूजा अर्चना की और यहां से स्कूल में ले जाया गया। बैंड बाजों व डीजे पर बजने वाले श्रीकृष्ण व राधा समेत अन्य भक्ति गीतों के साथ शोभायात्रा साईं बाबा चौक से होते हुए सनौली रोड पर पहुंची।
यहां से संजय चौक व जीटी रोड से होकर असंध रोड, असंध रोड रेलवे ओवरब्रिज से होते हुए रामलाल चौक, लाला जगत नारायण चौक से होते मॉडल टाउन स्थित शिवाजी स्टेडियम में पहली झांकी पहुंची।
शोभा यात्रा के आगे पंजाब से आए बैंड ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। महोत्सव स्थल पर महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने श्रीमद्भागवत गीता के साथ रथ में सवार होकर पहुंचे।
जहां ढोल नगाड़ो के साथ गीता का स्वागत किया गया। महोत्सव स्थल पर श्रीगीता को विराजमान किया गया। महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने सवा चार बजे मंगल आरती जय भगवत गीते, जय भगवत गीते...कर गीता को नमन किया। मंगल आरती से शिवाजी स्टेडियम गुंजायमान हो गया।
श्रीकृष्ण ने गीता को अपने श्रीमुख से गाया
गीता मनीषी एवं महामंडलेश्वर ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवत गीता विश्व का एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जो साक्षात भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से गाया गया है और गीता ही ऐसा ग्रंथ है, जिसकी जयंती मनाई जाती हो।
उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर जो परिस्थितियां इस समय हैं, उन परिस्थितियों में विश्व शांति के लिए गीता की प्रसांगिकता और भी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि गीता जयंती का पर्व जनमानस को याद दिलाता है कि आज से 5152 वर्ष पहले धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की धर्म भूमि और मां सरस्वती किनारे भगवान श्रीकृष्ण ने जो उपदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रसांगिक और उपयोगी है।
उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में विज्ञान ने मनुष्य को सुख के कितने ही साधन उपलब्ध करवा दिए हों, लेकिन सच्चा आनंद तो अध्यात्मवाद के माध्यम से ही मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक जिला पानीपत की धरा पर विशाल गीता जयंती उत्सव और शोभा यात्रा का सफल आयोजन देखकर वे अत्यधिक प्रभावित हुए हैं।
गीता जयंती महोत्सव के माध्यम से अध्यात्मिकता व विश्व शांति का जो संदेश देश-विदेश में जाएगा। उससे लगता है कि दुनिया अध्यात्मिकता की ओर अग्रसर होगी और भविष्य में गीता जयंती महोत्सव धर्म प्रेमियों द्वारा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनाया जाने लगेगा।
गीता पूजा की पुस्तक नहीं जीवन की प्रेरणा है
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता कोई पूजा की पुस्तक नहीं है, यह एक जीवन की प्रेरणा है। गीता धर्म ग्रंथ नहीं, आस्था नहीं, बल्कि यह जीवन जीने का सरल, सुगम रास्ता है।
यह भारत का दिव्य रत्न है। प्रत्येक भारतवासी को खुलेमन से स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मदन लाल धींगड़ा फांसी के फंदे तक गीता को लेकर पहुंचे, चंद्र शेखर आजाद आदि सभी गीता को फांसी के फंदे तक लेकर गए है।
गीता स्वतंत्रता सेनानियों का भी मनोबल बनी है। यह अपने आप में संपूर्ण ज्ञान है। उन्होंने बताया कि तीन योग कर्म, भक्ति व ज्ञान है। शरीर की क्षमता कम हो रही है, अच्छे और बुरश्े की पहचान कम होती है।
शरीर कर्मठ बने मनोबल मजबूत बने यह कर्म योग है। गीता का भक्ति योग, ज्ञान योग बुद्धि की चेतना जगाने के लिए है। यह काम करने योग्य है या नहीं, क्या करना है, क्या खाना-पीना है।
अनुचित क्या है ज्ञान योग कराता है। डीसी समीर पाल सरो ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव पहले कुरुक्षेत्र में मनाया जाता था, लेकिन अब पूरे प्रदेश में जिलास्तर पर मनाया गया है।
उन्होंने कहा गीता महोत्सव पर शहर वासियों, सामाजिक व धार्मिंक संस्थाओं में उत्साह उसने अपनी आठ साल की सर्विस में कहीं नहीं देखा।
उन्होंने सभी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर एसपी राहुल शर्मा, एडीसी सुजान सिंह, शहर विधायक रोहिता रेवड़ी, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, विकास गोयल, रमेश माटा, विजय लक्ष्मी पालीवाल, कृष्ण नारंग, सूरज दुरेजा व राजू शर्मा मौजूद रहे।
बैंड बाजे व डीजे की धुन पर भक्ति रस में झूमे श्रद्धालु
शोभायात्रा के दौरान हरे कृष्णा-हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे, हरे रामा-हरे रामा रामा-राम हरे-हरे...समेत श्रीकृष्ण व राधा व अन्य भक्ति गीतों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। शोभायात्रा में महिलाएं अपने सिर पर श्रीमद्भागवत गीता को धारण कर श्रद्घा प्रकट की। श्रद्घालुओं व लोगों ने शोभायात्रा के शुरू होने से लेकर स्टेडियम पहुंचने तक नृत्य किया।
स्कूली बच्चों ने हाथों में पट्टिका लेकर दिया गीता का संदेश
नगर शोभा एवं पालकी यात्रा में जिले के कई स्कूलों के बच्चे शामिल हुए और बच्चों का उत्साह देखने शुरू से लेकर आखिर तक देखने वाला रहा। बच्चों ने यात्रा के दौरान आओ गीता अपनाएं, गीता है भगवान, भारत ही पहचान है गीता, जीयो गीता के संग, आओ गीता पढ़ें पढ़ाएं समेत कई स्लोगन की पट्टिका लेकर पहुंचे।
झांकिया रही आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा के दौरान श्रीकृष्ण-राधा, शिव-पार्वती, श्री गणेश, हनुमान पंच मुख, श्रीकृष्ण-राधा के स्वरूप में छोटे बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। शिव व पार्वती के स्वरूप का नृत्य सबको पसंद आया और लोगों ने नृत्य को अपने मोबाइल व कैमरों में कैद किया। वहीं पंजाब से आए बैंड ने भी लोगों अपनी ओर खासा आकर्षित किया।
हैलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा
शोभायात्रा के दौरान असंध रोड व रामचौक पर हैलीकॉप्टर से श्रीगीता व शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई। वहीं शिवाजी स्टेडियम में 3 बजकर 40 मिनट पर तीसरी बार पुष्प वर्षा की गई। इस दौरान हैलीकॉप्टर आकर्षण का केंद्र रहा। हालांकि पुष्प वर्षा के दौरान धुल उडने से लोगों को कुछ परेशानी झेलनी पड़ी।