समालखा। रेलवे लाइन पार की शिव काॅलोनी के सामने लाइनों के नीचे वर्षों पुरानी पुलिया को बुधवार को रेलवे ने पुलिस बल की मौजूदगी में पत्थरों के स्लीपर लगाकर बंद कर दिया। जिससे शिव काॅलोनी सहित लाइन पार बसी आधा दर्जन काॅलोनीवासियों का एकमात्र आवागमन का रास्ता बंद हो जाने से काॅलोनीवासियों ने पार्षद राजेश ठाकुर की अगुवाई में पुलिस व रेलवे की इस कार्रवाई का विरोध किया।
बुधवार को समालखा जीआरपी प्रभारी जसबीर सिंह, समालखा चौकी प्रभारी जितेंद्र पुलिस बल सहित शिव कालोनी के सामने रेलवे पुलिया को बंद करने पहुंचे तो वहां काॅलोनी वासियों एकत्रित हो गए। काॅलोनीवासी राजेश, प्रदीप, कृष्ण, कमला देवी, सावित्री देवी,अनिल, मोनू, रिंकू, जय भगवान, अमित, ओमप्रकाश व रामकुमार ने बताया कि मनाना नारायणा गांव रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन अंडरपास के कारण लाइन पार बसी कालोनी व गांव के निवासियों का शहर में आना जाना बंद हो गया था ऐसे में वार्ड-16 की शिव कालोनी के सामने वाली रेलवे पुलिया ही आवाजाही के लिए एकमात्र जरिया थी। जिसे जीआरपी ने बंद कर काॅलोनीवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। अब कॉलोनी वासियों को जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन को पार करके शहर आना पडे़गा। काॅलोनीवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले दिनों पुलिया के पास एक दुकानदार के साथ लूट हुई थी। जिस कारण रेलवे पुलिस ने इस पुलिया को बंद कर यहां से आवागमन रोक दिया।
वार्ड-16 से नगर पार्षद राजेश ठाकुर ने कहा कि देर रात किसी बच्चे, महिला या बुजुर्ग के बीमार होने पर बाइक से पुलिया के रास्ते मेडिकल सुविधा मिल जाती थी लेकिन अब पुलिया बंद होने से अगर कोई अनहोनी होती है तो किसकी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि वह वैकल्पिक रास्ते के लिए काॅलोनीवासियों के साथ विधायक मनमोहन भड़ाना व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को साथ लेकर रेलवे के उच्चाधिकारियों से मिलेंगे।
राजकीय रेलवे पुलिस चौकी प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई गई यह पुलिया काफी पुरानी है। बरसात के दिनों में पुलिया के नीचे जल भराव हो जाता है। जिस कारण पुलिया के नीचे जहरीले जीवों का बसेरा बन जाता है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए उच्चाधिकारियों के आदेश पर पुलिया को बंद किया गया है।