सरकार व जाटों के बीच आरक्षण को लेकर दूसरे दौर की बैठक सोमवार को पानीपत रिफाइनरी के टाउनशिप में दूसरे दौर की बातचीत होगी। सरकार और जाटों के बीच इस बैठक में कुछ रास्ता निकलने की उम्मीद है।
सरकार की तरफ से मुख्य सचिव, जबकि जाटों की तरफ से जाट नेता यशपाल मलिक और समिति पदाधिकारी बैठक में शामिल होंगे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने बैठक को लेकर सब तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जाट समाज की पानीपत समेत प्रदेश के 19 जगहों पर चल रहे धरनों को समर्थन लगातार बढ़ रहा है। इसके बाद सरकार एक बार फिर जाट समितियों के साथ वार्ता के लिए आगे आई है।
सरकार ने इस बैठक के लिए मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता में पांच अधिकारियों की कमेटी गठित की है। यह कमेटी जाटों के साथ दूसरे दौर की वार्ता पानीपत रिफाइनरी की टाउनशिप में होगी।
सुबह साढ़े दस बजे बैठक का समय प्रस्तावित है। स्थानीय स्तर प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। डीसी और एसपी ने रिफाइनरी टाउनशिप का मौका मुआयना कर व्यवस्थाओं को जांचा।
सरकार ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक से भी संपर्क साधकर बैठक के बारे में जानकारी दी। विदित है कि सरकार और जाट नेताओं के साथ पहले दौर की बैठक 11 फरवरी को पानीपत रिफाइनरी टाउनशिप में हुई थी।
इसमें सरकार की तरफ से गठित पांच अधिकारियों की कमेटी पहुंची थी। दूसरी तरफ से समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पहुंचे थे। सरकार व अधिकारियों के बीच करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक में किसी तरह का निर्णय नहीं निकल पाया था।
समिति ने अपनी सात मांगों को कमेटी के सामने रखा था। वहीं कमेटी ने उनकी मांगों को सरकार के सामने रखने की बात कही थी। डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बताया कि मीटिंग पानीपत रिफाइनरी टाउनशिप में रखी गई है।
इसको लेकर सब तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के यूपी प्रदेशाध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा ने बताया कि बैठक को लेकर निमंत्रण मिला है। वे पानीपत बैठक में शामिल होंगे और अपनी सात मांगों से कम पर समझौता नहीं करेंगे।