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सरकार की ओर से कोविड के मरीजों का मांगा गया डेटा, अब तक मात्र 55 फीसदी का डाटा हुआ अपलोड

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केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद कोविड मरीजों का डाटा जेएमडीए पोर्टल पर अपलोड करने में सरकारी अस्पताल फिसड्डी साबित हुए हैं। किसी ने भी यह काम नहीं किया है वहीं दूसरी ओर निजी अस्पतालों ने करीब 55 फीसदी मरीजों का अपलोड किया है।
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बता दें, केंद्र सरकार ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिए थे कि कोविड के मरीजों का डाटा जीएमडीए पोर्टल पर अपलोड किया जाए लेकिन सरकारी अस्पतालों ने इसमें जमकर लापरवाही की है। प्रदेश सरकार की ओर से पानीपत प्रशासन से पात्रों की जानकारी मांगी गई तो पोर्टल पर मरीजों की डिटेल नहीं मिली। उपायुक्त धर्मेंद्र सिंह ने सिविल अस्पताल प्रशासन से 5 से 31 मई का डाटा मांगा तो यह लापरवाही सामने आ गई। विभाग की आईपीडी स्लिप में इतनी खामियां मिलीं कि स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अधिकारी भी परेशान हो गए। अब उपायुक्त ने एक सप्ताह के अंदर सभी मरीजों का डाटा मांगा है।
सरकार की ओर से घोषणा की गई थी कि 5 मई के बाद 18 से 50 साल के बीपीएल पात्र की कोरोना से मौत होती है तो प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। 330 का बीमा प्रीमियम भुगतान भी प्रदेश सरकार करेगी। इसके अलावा सरकारी निजी अस्पतालों में कोविड का इलाज फ्री मिलेगा। इसका खर्च भी सरकार वहन करेगी। निजी अस्पतालों को इलाज के अलावा 1000 प्रति मरीज प्रतिदिन आर्थिक सहायता मिलेगी। यह लाभ 5 मई 2021 या इसके बाद इलाज कराने वाले मरीजों को मिलेगा।
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यह जानकारी लेनी थी, लेकिन अस्पतालों ने कर दी लापरवाही
जिन अस्पतालों ने मरीजों को दाखिल किया। उनसे सही डाटा भी नहीं लिया गया। 45 फीसदी मरीजों से आधार कार्ड लिया गया। बहुत मरीजों का पूरा पता नहीं लिया गया, मोबाइल नंबर नहीं लिए गए। बीपीएल पात्र की डिटेल नहीं ली गई। मरीजों को क्या इलाज दिया गया और मरीज डिस्चार्ज होने के बाद कहां गया, ये डिटेल भी अस्पतालों की ओर से नहीं ली गई।
- 1291 मरीज हुए दाखिल, 541 का ही डाटा ही किया अपलोड
अस्पतालों ने मई में 1291 मरीजों को अस्पतालों में दाखिल किया है। इनमें से मात्र 541 का ही डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों ने तो एक भी मरीज का डेटा अपलोड नहीं किया है। ऐसे में मरीजों से सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता रुक गई है। अब तक मात्र लगभग 55 प्रतिशत मरीजों का डाटा अपलोड किया गया है।
जल्द ही डाटा अपलोड कर देंगे: डॉ. ग्रोवर
सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों का पूरा डेटा जल्द से जल्द अपलोड करें। निजी अस्पतालों को भी सिविल सर्जन की ओर से निर्देश दिए गए हैं। जल्द मरीजों का डेटा अपलोड कर देंगे।
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डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल
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