फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंहकार बढ़ने पर भगवान लेते हैं अवतार : पंडित बृजकिशोर शास्त्री

Fri, 05 Jun 2026 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में आरती करते श्रद्धालु। स्रोत : सभा
विज्ञापन
पानीपत। मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में पुरुषोत्तम मास मलमास कथा का वीरवार को गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाया। कथावाचक पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने कहा कि अंहकार बढ़ने पर भगवान स्वयं अवतार लेते हैं।
विज्ञापन

कथावाचक ने बताया कि जब देवराज इंद्र के अहंकार के कारण ब्रज पर भारी वर्षा हुई, तब भगवान कृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली छोटी उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत को उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की थी। उन्होंने समझाया कि गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होना सिखाती है। जब मनुष्य में अहंकार आ जाता है तो भगवान किसी न किसी रूप में उसका मान-मर्दन अवश्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदू पंचांग में लगभग हर 32 महीने 16 दिन बाद एक अतिरिक्त मास आता है जिसे पहले मलमास कहा जाता था। इस महीने का कोई अधिष्ठाता देवता नहीं था, इसलिए इसे अशुभ माना जाता था। इसमें लोगविवाह, गृहप्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं करते थे। एक दिन मलमास ने कहा कि हे प्रभु इस संसार में हर जीव, हर दिन और हर महीने का कोई न कोई स्वामी है, सबका आदर होता है। लेकिन मुझे सब अपवित्र मानते हैं। मेरा कोई रक्षक नहीं है। ऐसे तिरस्कृत जीवन से तो अच्छा है कि मैं अपना अस्तित्व ही समाप्त कर लूं।
विज्ञापन

कथावाचक ने बताया कि मलमास की बात सुनकर भगवान विष्णु ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि आपको सबसे पवित्र मास के रूप में पूजा जाएगा। सभा के प्रधान तरुण गांधी ने कहा कि भक्ति में कोई छलावा नहीं होना चाहिए। भगवान केवल भाव के भूखे हैं। कथा विश्राम पर सभी ने आरती की और प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें