पानीपत। आधुनिक जीवन शैली में बीमारियों के लगातार बढ़ने के साथ ही लोग अपनी सेहत के लिए सजग हो गए हैं। लोगों ने फास्ट फूड तक छोड़ दिया है। वे नियमित रूप से शारीरिक अभ्यास और योग को अपना रहे हैं।
विश्व स्वास्थ्य दिवस हर साल सात अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना दिवस पर मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।
लोगों को स्वस्थ होने के महत्व के बारे में बताया जाता है। साथ ही यह दिवस लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। इन सबके बीच जिला नागरिक अस्पताल में हर रोज करीब 1500 लोग ओपीडी में पहुंचते हैं। राजनगर के पवन कुमार ने बताया कि कोरोना से पहले लोग अपनी सेहत के लिए इतने गंभीर नहीं थे।
प्रदेश व देश में कोरोना बढ़ता जा रहा था। उस समय हर कोई अपने घर तक सीमित रह गया था। अब समय के साथ बीमारियां बढ़ने लगी। अब तो ऐसी बीमारियों के बारे में सुनने को मिलता है। जिनका बारे में पहले कभी नाम भी पता नहीं होते थे। कोरोना के बाद से लोग स्वास्थ्य के प्रति चिंतित रहने लगे है।