पानीपत। श्रम विभाग में दो महिलाओं के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कराकर करीब 4.3 लाख रुपये की मुआवजा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। आठ मरला चौकी पुलिस ने इस मामले में गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सरगना सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 7500 रुपये नकदी बरामद कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया।
आठ मरला चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर संदीप ने बताया कि एसपी कार्यालय में दी शिकायत में गांव डाहर निवासी ममता ने बताया था कि उसने हरियाणा भवन निर्माण विभाग से कॉपी बनवाई हुई है। विभाग की तरफ से मजदूरों को समय समय पर सरकारी स्कीमों का लाभ दिया जाता है। उनसे वर्ष 2019 में डाहर निवासी ललित आकर मिला। उसने बताया वह भवन निर्माण मजदूर संगठन के तहत काम करता है, उसका एक ऑफिस गांव डाहर व दूसरा गोहाना में है। तब ललित ने उनको बताया था कि सरकार की तरफ से आपकी कॉपी में साइकिल व बर्तनों की स्कीम के 16 हजार रुपये भेजे हुए है। जिन्हें निकलवाने का झांसा देकर कॉपी व आधार कार्ड की फोटा कापी पर साइन करवा दस्तावेज ले गया। 16 मई 2019 को खाते में 2.15 लाख रुपये आए तो आरोपी ने कहा कि सरकार ने कई महिलाओं के पैस उनके खाते में डाल दिए है। आरोपी ने 16 हजार रुपये छोड़कर शेष रुपये ले लिए। उन्होंने कॉपी रिन्यू करवाने के लिए कहा तो वह टाल-मटोल करने लगा। उन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति ने कॉपी रिन्यू कराकर स्कीम लगवाई तो विभाग से पत्र मिला। जिसमें ललित द्वारा किए गए फ्रॉड के बारे में पता चला। आरोपी ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर 2.15 लाख रुपये हड़पे हैं। इसके अलावा ठीक इसी प्रकार बलजीत कौर ने भी ललित व अन्य पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था।
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शिकायतकर्ता महिलाओं के पति भी धोखाधड़ी में शामिल
गिरफ्तार ललीत, रमन,मुकेश, विकास व श्रवण ने बताया कि शिकायतकर्ता बलजीत कौर के साथ की गई धोखाधड़ी में उनके साथ उसका पति बलदेव भी शामिल था। उन्होंने इसके लिए बलदेव को 60 हजार रुपये दिए थे और ममता के साथ की गई धोखाधड़ी में ललित, मुकेश व ममता का पति श्रवण शामिल था। दोनों ने इसके लिए श्रवण को 70 हजार रुपये दिए थे।