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किसान ने तीन एकड़ जमीन बेचकर दोंनो बेटों को भेजा विदेश, छोटे को काटनी पड़ी एक साल की जेल तो बड़े बेटे से हुई पांच लाख की ठगी, कु

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नौकरी के लिए किसान ने तीन एकड़ जमीन बेचकर बेटों को अमेरिका और कनाडा भेजा, लेकिन न नौकरी लगी और न ही रकम मिली। उनके साथ ही ठगों ने अमेरिका और कनाडा भेजने के नाम पर 30.35 लाख रुपये ठग लिए। छोटा बेटा अमेरिका तो किसी तरह पहुंचा, लेेकिन वहां करीब नौ महीने जेल काटनी पड़ी वहीं बड़े बेटे से मलेशिया में मारपीट की गई और कनाडा भी नहीं भेजा। इस मामले में किसान के छोटे बेटे की शिकायत पर दो ठगों के खिलाफ थाना सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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किसान के छोटे बेटे सलिंद्र निवासी गांव शिमला मौलाना ने पुलिस को बताया कि गांव अहर निवासी सोहन लाल शर्मा और बलवान शर्मा से अमेरिका में नौकरी के लिए मिला था। जिसके लिए 25 लाख रुपये तय हुए। जिस पर उनके पिता मोतीराम ने तीन एकड़ जमीन बेचकर रकम इकट्ठा की। भाई बलिंद्र के साथ वह गांव अहर पहुंचे, जहां सोहनलाल और बलवान ने अपने घर पर तीन लोगों से मुलाकात कराई। पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, स्कूल प्रमाण-पत्र और चार पासपोर्ट साइज फोटो भी लिए। बड़े भाई के खाते से ठगों के खाते में 26 अप्रैल 2018 को पांच लाख और तीन मई 2018 को 13 लाख रुपये खाते में डलवाए। ठगों ने सात दिन में टिकट और वीजा लगवाने की बात कही। 13 मई 2018 को दिल्ली एयरपोर्ट जाने के लिए एक रिश्तेदार परमजीत और बड़े भाई बलिंद्र के साथ गांव अहर पहुंचे तो ठग ने उसके मामा के घर रुकवा दिया। वहां दो दिन रुके और 15 मई की शाम एयरपोर्ट के लिए निकले। फिर ठगों ने दिल्ली के पहाड़गज में रुकवा दिया। जहां सोनू नाम के युवक ने कॉल कर बताया कि टिकट नहीं हुआ। फिर 19 मई को एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से इथोपिया के अडीस अबाबा भेजा। फिर शहपोला और लीमा के बाद साउथ अमेरिका के इक्वाडोर पहुंचा। जहां से टैक्सी लेकर ठगों के बताए होटल पहुंचे। होटल में ठग बलवाल शर्मा के बेटे प्रदीप ने उनसे 1900 डॉलर छीन लिए और कुछ युवकों के साथ सड़क मार्ग से अमेरिका ले जाने के लिए कह दिया। विरोध करने पर हथियार के बल पर आगे ले गए। इक्वाडोर से कोलंबिया, फिर कपूरघाना, पैनामा के जंगल की तरफ चले। सात दिन बात जहां से कॉस्टारिका, हुंडरस से ग्वाटेमाला पहुंचे। यहां पर हथियार के बल पर परिवार वालों को फोन कराकर सात लाख रुपये और खाते में डलवाए गए। जिसके बाद मेक्सिको- कैलिफोर्निया बार्डर पर छोड़कर कह दिया कि वह सामने रहा अमेरिका। एसएचओ ने बताया कि इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ठगों की तलाश की जा रही है, जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
अमरीकी पुलिस ने पकड़ा, 1500 डॉलर वकील को देने के बाद भी नहीं मिली जमानत
अमेरिका की तरफ गए पुलिस ने पकड़ लिया। कोर्ट में पेश करने पर 1500 डॉलर वकील को दिए, फिर भी जमानत नहीं मिली। पासपोर्ट भी ठगों के पास था, जिसे देने के लिए ठगों ने फिर से 35 हजार रुपये ले लिए। जिसके बाद उन्हें जेल हो गई और नौ महीने जेल मेें रहने के बाद एक अगस्त 2019 को भारत लौटे।
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रकम वापस मांगने पर ठगों ने फिर फंसाया और भाई को कनाडा भेजने के नाम पर ठगा
सलिंद्र भारत आने के बाद सोहन लाल शर्मा से अपनी रकम वापस मांगी। जिस पर ठग सोहन लाल ने कहा कि वह पैसे नहीं देगा, लेकिन उसके बड़े भाई बलिंद्र को अमेरिका भेज देगा। जिसके एवज में 27 लाख रुपये मांगे। सलिंद्र के मना करने पर ठगों ने किसी तरह 18 लाख रुपये में मना लिया। बलिंद्र के भाई को मैक्सिको का फर्जी पासपोर्ट बनवाया गया। 30 सितंबर 2019 को मलेशिया ले गए और वहां उसके साथ मारपीट की गई। होटल में छिपकर अपनी जान बचाई और परिवार से संपर्क कर 16 अक्तूबर को टिकट कराकर देश लौटे।
पीड़ित ने पूछा, पैमेंट कैसे लोगे, आरोपी बोला: हम क्या दो नंबर में काम कर रहे हैं, जैसे आपकी मर्जी वैसे दे देना-
पीड़ित ने आरोपी से पूछा कि वह पैमेंट बैंक से लेंगे या फिर कैश तो आरोपी ने कहा कि वह दो नंबर का धंधा नहीं करता है। आप किसी भी माध्यम से उन्हें पैसे दे सकते है। पीड़ित ने कुछ पैसे कैश तो कुछ बैंक के माध्यम से देने की बात कही थी।
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